ईक्वालिटी ऑस्ट्रेलिया को टैक्स फ्री का फ्री राइड – मंत्री की दखल से मिला लाभ

ईक्वालिटी ऑस्ट्रेलिया को टैक्स फ्री का फ्री राइड – मंत्री की दखल से मिला लाभ

ईक्वालिटी ऑस्ट्रेलिया, जो देश में LGBTQIA+ अधिकारों के लिए एक प्रभावशाली एडवोकेसी समूह है, को हाल ही में टैक्स-डिडक्शन यानी कर में छूट की प्रतिष्ठित स्थिति मिली — लेकिन यह रास्ता पारंपरिक प्रक्रिया से नहीं होकर सीधे मंत्री के हस्तक्षेप से होकर गया।

आमतौर पर ऑस्ट्रेलिया में किसी भी संगठन को "डिडक्टिबल गिफ्ट रिसिपिएंट" (DGR) यानी टैक्स छूट पाने वाली संस्था घोषित कराने के लिए ऑस्ट्रेलियन चैरिटीज़ एंड नॉट-फॉर-प्रॉफिट्स कमीशन (ACNC) और न्यायिक समीक्षा से गुजरना पड़ता है। लेकिन ईक्वालिटी ऑस्ट्रेलिया ने इस रास्ते को दरकिनार कर सीधे संघीय मंत्री की सिफारिश के ज़रिए यह दर्जा हासिल कर लिया।

क्या है टैक्स-डिडक्टिबल दर्जा और क्यों है अहम?

DGR दर्जा किसी संगठन को मिलने पर दानदाता को उनके दान पर टैक्स में छूट मिलती है। इससे संगठन को ज़्यादा फंडिंग मिलती है और उनकी नीतिगत पहुंच भी बढ़ती है। ऑस्ट्रेलिया में केवल सीमित और सावधानीपूर्वक जांचे गए संगठनों को यह दर्जा मिलता है — खासकर जब संगठन राजनीतिक या सामाजिक मुद्दों पर सक्रिय हो।

नियम तोड़े या विशेष छूट मिली?

सवाल यह उठ रहा है कि क्या ईक्वालिटी ऑस्ट्रेलिया को नियमों से परे विशेष छूट दी गई? रिपोर्ट्स के अनुसार, मंत्रालय ने इस एडवोकेसी समूह के मामले में 'डिस्क्रेशनरी पॉवर' यानी विवेकाधिकार का प्रयोग करते हुए नियमों में ढील दी।

न्यायविदों और नीति विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला एक नज़ीर बन सकता है, जिससे अन्य राजनीतिक या एडवोकेसी संगठन भी मंत्री की सीधी पैरवी करके टैक्स छूट हासिल करने की कोशिश कर सकते हैं।

राजनीतिक रंग?

यह भी उल्लेखनीय है कि ईक्वालिटी ऑस्ट्रेलिया का झुकाव वामपंथी नीतियों की ओर रहा है, और उनके कई अभियान मौजूदा सरकार की नीतियों के पक्ष में जाते हैं। विरोधी दलों ने इस पर नाराज़गी जताते हुए इसे 'राजनीतिक पक्षपात' करार दिया है।

सार्वजनिक प्रतिक्रिया और पारदर्शिता की मांग

नागरिक समूह और चैरिटी जगत के कई लोग यह सवाल कर रहे हैं कि यदि एक संगठन को बिना पूरी प्रक्रिया के टैक्स छूट मिल सकती है, तो बाकी संगठनों के लिए यह प्रक्रिया अनिवार्य क्यों है?

हिंदीगौरव इस मामले पर ACNC और संबंधित मंत्रालय की पारदर्शी जांच और जवाबदेही की मांग करता है। लोकतंत्र में नियमों की समानता और प्रक्रिया की निष्पक्षता सबसे ऊपर होनी चाहिए — चाहे बात चैरिटी की हो या चैरिश करने वाले नेताओं की।