मशरूम कांड की गूंज: एरिन पैटरसन को मिल सकती है उम्रकैद बिना पैरोल

विक्टोरिया की जेल इतिहास में दर्ज होगा नया अध्याय, अब तक सिर्फ एक महिला को मिली है यह सजा

मशरूम कांड की गूंज: एरिन पैटरसन को मिल सकती है उम्रकैद बिना पैरोल

मेलबर्न। मशहूर “मशरूम डिनर कांड” की आरोपी एरिन पैटरसन के खिलाफ सोमवार को विक्टोरिया की अदालत में सुनवाई होने जा रही है। पूरे देश की निगाहें इस मामले पर टिकी हैं क्योंकि यदि पैटरसन को दोषी करार देकर उम्रकैद बिना पैरोल (Life Without Parole) की सजा सुनाई जाती है, तो वह विक्टोरिया की सबसे लंबे समय तक जेल में रहने वाली महिला कैदी बन जाएंगी।

मशरूम डिनर से मौत

यह मामला पिछले साल सुर्खियों में आया था, जब एरिन पैटरसन ने अपने घर पर एक पारिवारिक डिनर का आयोजन किया था। आरोप है कि इस डिनर में परोसे गए मशरूम जहरीले थे। खाने के बाद तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से बीमार हो गया। इस घटना ने पूरे ऑस्ट्रेलिया को हिलाकर रख दिया था और महीनों तक यह खबर सुर्खियों में बनी रही।

आरोप और अदालत की कार्यवाही

पैटरसन पर आरोप है कि उन्होंने जानबूझकर ऐसा भोजन तैयार किया जिससे लोगों की जान गई। अदालत में अभियोजन पक्ष ने इसे “सोची-समझी योजना” करार दिया, जबकि बचाव पक्ष का कहना है कि यह एक दुर्भाग्यपूर्ण हादसा था।

आज होने वाली सुनवाई में यदि अदालत उन्हें आजीवन कारावास देती है और पैरोल की संभावना समाप्त कर देती है, तो पैटरसन विक्टोरिया की दूसरी महिला होंगी जिन्हें इतनी कठोर सजा मिली होगी।

विक्टोरिया में महिला अपराधियों का इतिहास

गौरतलब है कि अब तक विक्टोरिया में केवल एक महिला अपराधी को उम्रकैद बिना पैरोल की सजा सुनाई गई है। इसीलिए पैटरसन का मामला ऐतिहासिक महत्व रखता है। कानूनी जानकारों का कहना है कि इस फैसले से भविष्य में महिला अपराधियों के प्रति न्यायपालिका की सख्ती का भी संदेश जाएगा।

पीड़ित परिवारों की उम्मीदें

मृतकों के परिजन लंबे समय से न्याय की उम्मीद लगाए बैठे हैं। उनका कहना है कि अगर दोष साबित होता है, तो अदालत को आरोपी के प्रति कोई नरमी नहीं दिखानी चाहिए। वहीं समाज का एक बड़ा तबका भी मानता है कि ऐसे अपराधों के खिलाफ सख्त सजा जरूरी है, ताकि भविष्य में कोई और ऐसी घटना को अंजाम देने की हिम्मत न कर सके।

फैसले पर टिकी निगाहें

सोमवार को आने वाला फैसला न केवल पैटरसन के जीवन की दिशा तय करेगा, बल्कि यह विक्टोरिया की न्यायिक और जेल प्रणाली के इतिहास में भी एक अहम पड़ाव साबित होगा।