सिडनी: ऑस्ट्रेलिया में युवाओं के बेहतरीन संरक्षक और 'Youth Off the Streets' संस्था के संस्थापक फादर क्रिस राइली का शुक्रवार को निधन हो गया। वह 70 वर्ष के थे और पिछले कुछ समय से बीमार चल रहे थे। उनके निधन की जानकारी उनकी संस्था ने आधिकारिक इंस्टाग्राम पोस्ट के माध्यम से दी।
फादर क्रिस राइली ने 1991 में किंग्स क्रॉस की सड़कों पर एक छोटे से फूड वैन से 'Youth Off the Streets' की शुरुआत की थी, जो आज संकट आवास, परामर्श, शिक्षा और पुनर्वास जैसी कई सेवाएं देने वाला एक बड़ा नेटवर्क बन चुका है।
ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए कहा, “फादर क्रिस राइली का दिल उतना ही बड़ा था जितना देश। उन्होंने उन युवाओं को आशा दी जिन्हें समाज ने ठुकरा दिया था। उन्होंने कभी किसी को नहीं छोड़ा और न ही हार मानी।”
“हर बच्चा बुरा नहीं होता, परिस्थितियाँ उसे ऐसा बनाती हैं”
NSW के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने फादर राइली को “दूरदर्शी” करार देते हुए कहा, “उन्होंने यह साबित कर दिखाया कि सहानुभूति और अवसर से किसी भी युवा का जीवन बदला जा सकता है।”
शिक्षा मंत्री जेसन क्लेयर ने उनके निधन को ‘विनाशकारी’ बताते हुए कहा, “हजारों युवाओं की ज़िंदगियाँ उन्होंने संवारीं। मेरे लिए यह सम्मान की बात थी कि मैं उन्हें दोस्त कह सकता हूँ।”
विपक्ष के नेता मार्क स्पीकमैन ने भी उन्हें याद करते हुए कहा, “वे बेघर, असहाय और वंचितों के लिए सच्चे योद्धा थे।”
आज Youth Off the Streets के पास 200 से अधिक स्टाफ सदस्य हैं और यह संस्था हर साल 1600 से अधिक बेघर युवाओं को आवास और 1200 से अधिक प्रथम राष्ट्र के बच्चों को सहायता सेवाएं देती है।
संस्था की श्रद्धांजलि
संस्था की चेयरपर्सन ऐन फिट्ज़गेराल्ड ने कहा, “फादर राइली की करुणा, दृढ़ता और विश्वास—कि हर युवा को आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए—हमेशा याद रखा जाएगा।”
सीईओ जुडी बैराक्लफ ने कहा, “उनकी विरासत, हमारा पथप्रदर्शक बनी रहेगी। हम उनके सपनों को आगे बढ़ाते रहेंगे।”
फादर क्रिस राइली का जीवन इस बात का प्रमाण है कि एक व्यक्ति के साहसिक कदम लाखों ज़िंदगियों में बदलाव ला सकते हैं। वे न केवल एक पादरी थे, बल्कि उन युवाओं के लिए प्रकाशपुंज थे जिन्हें समाज ने अंधेरे में छोड़ दिया था।