भारत के पूर्व राज्यपाल और वरिष्ठ राजनेता सत्यपाल मलिक का मंगलवार दोपहर निधन हो गया। वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे और दिल्ली के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में उन्होंने दोपहर 1:12 बजे अंतिम सांस ली। उनके सहयोगी कंवर सिंह राणा ने उनके निधन की पुष्टि की।
🕯️ एक जीवन, जो सादगी और स्पष्टवादिता का प्रतीक रहा
सत्यपाल मलिक, जिनका जन्म 24 जुलाई 1946 को उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के हिसावदा गांव में एक किसान परिवार में हुआ था, का जीवन राजनीति और समाजसेवा के लिए समर्पित रहा। पिता के निधन के बाद उन्हें उनकी मां जगनी देवी ने पाला। उनका बचपन संघर्षों में बीता, लेकिन वह हमेशा दृढ़निश्चयी रहे।
🎓 छात्र राजनीति से संसद तक का सफर
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1965 में मेरठ कॉलेज से छात्र राजनीति में कदम रखा।
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1966-67 में मेरठ कॉलेज के पहले छात्रसंघ अध्यक्ष बने।
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1974 में भारतीय क्रांति दल से बागपत विधायक बने।
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1980 में लोकदल की ओर से राज्यसभा पहुंचे।
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1986 में कांग्रेस में शामिल होकर दोबारा राज्यसभा पहुंचे, लेकिन बोफोर्स घोटाले से आहत होकर इस्तीफा दे दिया।
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बाद में जनमोर्चा, जनता दल और अंततः भाजपा में सक्रिय भूमिका निभाई।
🇮🇳 राज्यपाल के रूप में ऐतिहासिक कार्यकाल
सत्यपाल मलिक ने कई राज्यों में राज्यपाल पद की जिम्मेदारी निभाई:
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2017: बिहार के राज्यपाल
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2018: जम्मू-कश्मीर के राज्यपाल — जहां उन्होंने अनुच्छेद 370 और 35A हटाए जाने के दौरान पद संभाला। वह राज्य के आखिरी राज्यपाल थे, इसके बाद राज्य दो केंद्र शासित प्रदेशों में विभाजित हुआ।
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उन्होंने भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कदम, पंचायत चुनावों का आयोजन, और लोकतंत्र को मजबूत करने के प्रयास किए।
🎤 प्रभावशाली वक्ता और किसानों की आवाज़
सत्यपाल मलिक एक तेजतर्रार वक्ता थे और उनकी स्पष्टवादिता उन्हें भीड़ से अलग बनाती थी। उन्होंने किसान आंदोलनों के पक्ष में कई बार अपनी सरकार से मतभेद जाहिर किए और खुलकर बयान दिए, जो उन्हें अक्सर विवादों में भी ले आए।
👨👩👦 पारिवारिक पृष्ठभूमि
उनकी पत्नी इकबाल मलिक एक पर्यावरणविद् हैं। उनका बेटा देव कबीर एक ग्राफिक डिजाइनर है और बहू निविदा चंद्रा भी पेशेवर क्षेत्र में सक्रिय हैं। परिवार वर्ष 1980 से दिल्ली में निवास कर रहा है।
🙏 श्रद्धांजलि
दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री आतिशी सहित कई राजनीतिक नेताओं ने उनके निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया। आतिशी ने कहा:
"पूर्व राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने जनहित के मुद्दों पर बेबाक राय रखी। उनका जाना भारतीय राजनीति की सधी हुई आवाज़ का शांत हो जाना है। ईश्वर दिवंगत आत्मा को शांति दें।" 🕊️
🗓️ सत्यपाल मलिक का राजनीतिक सफर: एक नजर में
| वर्ष | पद / जिम्मेदारी |
|---|---|
| 1974-77 | विधायक, बागपत |
| 1980-84 | राज्यसभा सांसद (लोकदल) |
| 1986-89 | राज्यसभा सांसद (कांग्रेस) |
| 1989-91 | सांसद, अलीगढ़ (जनता दल) |
| 1990 | केंद्रीय राज्य मंत्री |
| 2004-14 | भाजपा के विभिन्न पदों पर कार्यरत |
| 2017 | राज्यपाल, बिहार |
| 2018-2019 | राज्यपाल, जम्मू-कश्मीर |