जेफ बेजोस की स्पेस टूरिज्म कंपनी ब्लू ऑरिजिन आज 3 अगस्त को एक और ऐतिहासिक उड़ान भरने जा रही है। पश्चिमी टेक्सास से लॉन्च होने वाली इस अंतरिक्ष यात्रा में 6 अंतरराष्ट्रीय यात्री हिस्सा लेंगे। यह उड़ान ब्लू ऑरिजिन के प्रतिष्ठित न्यू शेपर्ड प्रोग्राम की 34वीं कुल उड़ान और 14वां मानवयुक्त मिशन होगी।
इस बार भारत के लिए खास गर्व की बात यह है कि इस उड़ान में भारतीय मूल के अमेरिकी व्यवसायी अरविंदर 'आर्वी' सिंह बहल भी शामिल हैं, जो मूल रूप से आगरा के निवासी हैं। 70 यात्रियों को अब तक अंतरिक्ष की यात्रा करा चुका यह प्रोग्राम अंतरिक्ष पर्यटन की दिशा में एक और मील का पत्थर जोड़ने जा रहा है।
आर्वी बहल, आगरा में जन्मे और अमेरिका में बसे एक सफल रियल एस्टेट निवेशक हैं। वे बहल प्रॉपर्टीज के चेयरमैन हैं और 1975 से इस कंपनी का संचालन कर रहे हैं। बहल को रियल एस्टेट उद्योग में 50 वर्षों से अधिक का अनुभव है।
वे न केवल एक व्यवसायिक शख्सियत हैं, बल्कि एक अत्यधिक साहसी और रोमांचप्रिय यात्री भी हैं। उनके सफर में दुनिया के लगभग हर देश की यात्रा, माउंट एवरेस्ट से स्काईडाइविंग, गीजा के पिरामिडों पर छलांग, उत्तर व दक्षिणी ध्रुव की यात्राएं, और निजी पायलट व हेलीकॉप्टर उड़ाने का प्रशिक्षण शामिल है।
उप-कक्षीय अंतरिक्ष में न्यू शेपर्ड रॉकेट पर यह यात्रा उनके जीवन के रोमांच को और ऊंचाई देने वाली है।
जस्टिन सन – टेक्नोलॉजी उद्यमी और ट्रॉन नेटवर्क के फाउंडर
गोखान एर्डेम – तुर्की के बिजनेसमैन और स्पेस लवर
डेबोरा मार्टोरेल – प्यूर्टो रिको की मौसम वैज्ञानिक और विज्ञान पत्रकार
लियोनेल पिचफोर्ड – ब्रिटिश शिक्षक, जो स्पेन में रहते हैं
जेडी रसेल – ब्लू ऑरिजिन के रिटायर्ड यात्री और वेंचर कैपिटलिस्ट
इस 11 मिनट की उड़ान में यात्री कर्मन रेखा (Kármán Line – पृथ्वी और अंतरिक्ष के बीच की अंतरराष्ट्रीय सीमा) के पार जाएंगे और कुछ मिनटों तक शून्य गुरुत्वाकर्षण (zero gravity) का अनुभव करेंगे। हालांकि यह यात्रा छोटी लग सकती है, लेकिन लागत करोड़ों में होती है।
ब्लू ऑरिजिन टिकट की सटीक कीमत सार्वजनिक नहीं करती, लेकिन एक अनुमान के मुताबिक, प्रति यात्री खर्च 5,00,000 डॉलर (लगभग ₹4.2 करोड़) से अधिक होता है। बुकिंग प्रक्रिया के लिए कंपनी कम से कम $150,000 रिफंडेबल डिपॉजिट लेती है।
2000 में जेफ बेजोस द्वारा स्थापित ब्लू ऑरिजिन केवल अंतरिक्ष पर्यटन में ही नहीं, बल्कि चंद्रमा और ऑर्बिटल मिशनों में भी बड़ी भूमिका निभा रही है।
कंपनी NASA के साथ मिलकर आर्टेमिस मिशन के तहत 'ब्लू मून' लैंडर बना रही है।
साथ ही एक भारी रॉकेट ‘न्यू ग्लेन’ पर काम कर रही है, जो सैटेलाइट्स और अंतरिक्ष यात्रियों को पृथ्वी की कक्षा व चंद्रमा तक पहुंचाने में सक्षम होगा।
इससे पहले कंपनी ऑल-फीमेल क्रू के साथ भी ऐतिहासिक अंतरिक्ष मिशन कर चुकी है।