गूगल ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी, कहा – "YouTube सोशल मीडिया नहीं है

गूगल ने ऑस्ट्रेलियाई सरकार को दी कानूनी कार्रवाई की चेतावनी, कहा – "YouTube सोशल मीडिया नहीं है

ऑस्ट्रेलियाई सरकार के प्रस्तावित कानून के तहत 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाने की योजना पर अब विवाद गहराता जा रहा है। टेक दिग्गज गूगल ने चेतावनी दी है कि यदि इस प्रतिबंध में YouTube को शामिल किया गया, तो वह सरकार के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करेगा।

सरकारी सूत्रों के मुताबिक, गूगल ने संचार मंत्री अनिका वेल्स को एक आधिकारिक पत्र भेजकर यह स्पष्ट किया है कि यदि YouTube को बैन की सूची में डाला गया, तो वह अपने "कानूनी विकल्पों" पर विचार करेगा। यह पत्र सबसे पहले The Daily Telegraph ने रिपोर्ट किया, जिसे 9News ने भी पुष्टि की है।

क्यों विरोध कर रहा है गूगल?

गूगल का तर्क है कि YouTube एक वीडियो स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म है, न कि पारंपरिक सोशल मीडिया। कंपनी का कहना है कि यूट्यूब पर शैक्षणिक सामग्री, ज्ञानवर्धक वीडियो, और राजनीतिक विमर्श में भागीदारी जैसे अनेक सकारात्मक उपयोग होते हैं, जिन्हें इस प्रतिबंध के तहत सीमित करना "राजनीतिक अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता" के खिलाफ होगा।

गूगल का यह भी कहना है कि इस बैन से 16 साल से कम उम्र के युवा राजनीतिक या सामाजिक मुद्दों पर अपनी राय व्यक्त नहीं कर पाएंगे, जिससे उनका लोकतांत्रिक भागीदारी का अधिकार प्रभावित होगा।

सरकार और eSafety कमिश्नर की स्थिति

हालांकि शुरू में सरकार ने संकेत दिए थे कि YouTube इस बैन से छूट पा सकता है, लेकिन ऑस्ट्रेलिया की eSafety कमिश्नर जूली इनमैन ग्रांट ने यह सिफारिश की है कि YouTube को भी अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ शामिल किया जाए। उनका कहना है कि यूट्यूब की कई विशेषताएं और इंटरैक्टिव फ़ंक्शन इस कानून के उद्देश्यों के अनुरूप नहीं हैं, जो कि बच्चों को डिजिटल हानि से बचाना है।

बैन के बाद क्या होगा?

अगर YouTube को प्रतिबंधित प्लेटफार्मों की सूची में शामिल किया जाता है, तो 16 साल से कम उम्र के बच्चे वेबसाइट पर वीडियो देख तो सकेंगे, लेकिन वे YouTube अकाउंट नहीं बना पाएंगे, न ही वीडियो अपलोड कर सकेंगे या कमेंट कर सकेंगे।

अंतिम फैसला जल्द

सरकार ने अभी तक eSafety कमिश्नर की सिफारिशों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। उम्मीद की जा रही है कि आने वाले हफ्तों में अंतिम सूची और फैसला घोषित किया जाएगा, जिसके तहत तय होगा कि कौन-कौन से प्लेटफ़ॉर्म इस बैन के दायरे में आएंगे।

गौरतलब है कि ऑस्ट्रेलिया में कानूनी रूप से मतदान की आयु 18 वर्ष है, लेकिन गूगल का तर्क है कि डिजिटल युग में राजनीतिक सहभागिता की शुरुआत कम उम्र से होनी चाहिए, और YouTube जैसे प्लेटफॉर्म इसमें एक अहम भूमिका निभाते हैं।