सरकार ने कंज़र्वेटिव समूह की आलोचना की, विरोधी यहूदीवाद दूत के पति के दान पर विवाद

सरकार ने कंज़र्वेटिव समूह की आलोचना की, विरोधी यहूदीवाद दूत के पति के दान पर विवाद

आयात मंत्री टोनी बर्क ने विरोधी यहूदीवाद दूत जिलियन सेगल और प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनेज़े के साथ गुरुवार को बैठक की।

गृह मामलों के मंत्री टोनी बर्क ने सोमवार को कहा कि सेगल के पति की ओर से दिए गए दान को लेकर यदि उनका आलोचना की जाती है तो वह महिलाओं के प्रति पूर्वाग्रह (मिसोजिनी) माना जाएगा।

इस दान को लेकर एक कंज़र्वेटिव समूह पर सरकार ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है। टोनी बर्क ने साफ किया कि किसी भी प्रकार की आलोचना का उद्देश्य महिलाओं या उनके परिवार के खिलाफ होना गलत है और यह सामाजिक भेदभाव को बढ़ावा देता है।

प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनेज़े ने भी इस मामले पर समर्थन जताते हुए कहा कि विरोधी यहूदीवाद के खिलाफ लड़ाई में सभी को एकजुट होकर काम करना चाहिए और व्यक्तिगत मामलों को राजनीति का हिस्सा नहीं बनाना चाहिए।

यह विवाद तब उठा जब विरोधी यहूदीवाद दूत के पति ने एक कंज़र्वेटिव समूह को दान दिया, जिसके बाद राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों के बीच चर्चा छिड़ गई। सरकार ने स्पष्ट किया कि यह दान सेगल की भूमिका या उनकी नीतियों को प्रभावित नहीं करता है।

इस मामले में सरकार ने समानता, सम्मान और महिला सशक्तिकरण के संदेश को दोहराते हुए कहा कि किसी भी प्रकार के व्यक्तिगत हमले या भेदभाव को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।