देश के कई राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने हाल के वर्षों में अपनी हवाई यात्रा को और सुरक्षित और तेज़ बनाने के लिए नए और अत्याधुनिक हेलीकॉप्टर तथा विमानों का इस्तेमाल शुरू किया है। आइए जानते हैं कौन-सा मुख्यमंत्री किस हेलीकॉप्टर या विमान का इस्तेमाल करता है और उनकी क्या खासियतें हैं।
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने हाल ही में एयरबस एच-160 (Airbus H-160) को अपने आधिकारिक हेलीकॉप्टर के रूप में चुना है। यह हेलीकॉप्टर पुराने बेल (Bell) मॉडल की जगह लाया गया है।
खासियतें:
खराब मौसम में भी उड़ान भरने की क्षमता
छह यात्रियों के बैठने की जगह
हाई-टेक सुरक्षा फीचर्स
लंबी दूरी तय करने की बेहतर क्षमता
इस बदलाव के बाद नायडू सीधे अपने आवास से कार्यक्रम स्थलों तक उड़ान भर सकते हैं।
बिहार सरकार ने दिसंबर 2022 में 250 करोड़ रुपये का 12-सीटर जेट और करीब 100 करोड़ रुपये का नया 10-सीटर एयरबस हेलीकॉप्टर खरीदा था। इससे पहले सीएम एयरबस H145 का इस्तेमाल करते थे।
खासियतें:
मर्सिडीज-बेंज बिजनेस क्लास स्टाइल इंटीरियर
लेदर और वुडन डिज़ाइन
दो इंजन से लैस, 240 किमी/घंटा की क्रूज़ स्पीड
एक बार में साढ़े चार घंटे तक उड़ान भरने की क्षमता
10 लोगों की बैठने की जगह
योगी आदित्यनाथ की सरकार ने पहली बार हेलीकॉप्टर और चार्टर्ड प्लेन खरीदने की प्रक्रिया शुरू की है। यूपी ने अगस्ता 139 हेलीकॉप्टर को मंजूरी दी है।
खासियतें:
इटली में निर्मित
बुलेटप्रूफ बॉडी, जिसमें मशीनगन लगाने की सुविधा
तीन ताकतवर इंजन
278 किमी/घंटा की स्पीड
हवा में ही ईंधन भरने की सुविधा
चार्टर्ड प्लेन के लिए सरकार फ्रांसीसी फाल्कन और बॉम्बार्डियर विकल्पों पर विचार कर रही है।
गुजरात सरकार ने हाल ही में लगभग पांच साल की प्रक्रिया के बाद 191 करोड़ रुपये में बॉम्बार्डियर चैलेंजर 650 विमान खरीदा है। इसने पुराना बीचक्राफ्ट सुपर किंग विमान रिप्लेस किया है।
खासियतें:
7,000 किमी की फ्लाइंग रेंज
870 किमी/घंटा की रफ्तार
दो इंजन से लैस
12 यात्रियों की क्षमता
यह विमान लंबी दूरी की तेज़ और सुरक्षित यात्रा के लिए उपयुक्त माना जाता है।
देश के प्रमुख राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने सुरक्षा, तेज़ यात्रा और आधुनिक तकनीक को देखते हुए हाई-टेक हेलीकॉप्टर और विमान अपनाए हैं। इनमें एयरबस H-160 से लेकर अगस्ता 139 और बॉम्बार्डियर जैसे विश्वस्तरीय मॉडल शामिल हैं। इससे न सिर्फ उनकी यात्रा सुविधाजनक होती है बल्कि राज्य स्तर पर वीवीआईपी सुरक्षा मानकों को भी मजबूत किया जा रहा है।