मेलबर्न पार्क में भारत की ऐतिहासिक जीत, जेन्सी कनाबर ने रचा नया अध्याय

मेलबर्न पार्क में भारत की ऐतिहासिक जीत, जेन्सी कनाबर ने रचा नया अध्याय

मेलबर्न। भारतीय टेनिस के लिए गर्व का क्षण तब आया जब 14 वर्षीय जेन्सी कनाबर ने ऑस्ट्रेलियन ओपन एशिया-पैसिफिक अंडर-14 का खिताब जीतकर इतिहास रच दिया। मेलबर्न पार्क में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में उन्होंने ऑस्ट्रेलिया की म्यूसेम्मा सिलेक को तीन सेटों तक चले संघर्षपूर्ण मैच में 3-6, 6-4, 6-1 से शिकस्त दी।

फाइनल की शुरुआत में जेन्सी को संघर्ष का सामना करना पड़ा और वह पहला सेट 3-6 से हार गईं। हालांकि, इसके बाद उन्होंने अद्भुत मानसिक दृढ़ता और तकनीकी परिपक्वता का परिचय देते हुए मुकाबले में जोरदार वापसी की। दूसरे सेट में उन्होंने अपने सर्विस गेम को मजबूत किया और लंबी रैलियों में बढ़त बनाते हुए 6-4 से सेट अपने नाम किया।

निर्णायक तीसरे सेट में जेन्सी कनाबर पूरी तरह हावी नजर आईं। उन्होंने आक्रामक ग्राउंड स्ट्रोक्स, सटीक रिटर्न और बेहतर कोर्ट कवरेज के दम पर ऑस्ट्रेलियाई खिलाड़ी को लगातार दबाव में रखा और 6-1 से सेट जीतकर मुकाबला अपने नाम कर लिया।

इस ऐतिहासिक जीत के साथ जेन्सी कनाबर ऑस्ट्रेलियन ओपन एशिया-पैसिफिक अंडर-14 खिताब जीतने वाली पहली भारतीय लड़की बन गई हैं। इतना ही नहीं, वह इस प्रतिष्ठित ट्रॉफी को जीतने वाली कुल दूसरी भारतीय खिलाड़ी भी हैं, जिससे यह उपलब्धि और भी विशेष बन जाती है।

कम उम्र में अंतरराष्ट्रीय मंच पर मिली यह बड़ी सफलता भारतीय जूनियर टेनिस के उज्ज्वल भविष्य की ओर इशारा करती है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि जेन्सी की यह जीत न केवल उनके करियर के लिए मील का पत्थर है, बल्कि इससे देश में उभरती युवा टेनिस प्रतिभाओं को भी नई प्रेरणा मिलेगी।

जेन्सी कनाबर की इस उपलब्धि को भारतीय खेल इतिहास में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देखा जा रहा है, जिसने एक बार फिर साबित कर दिया है कि भारत अंतरराष्ट्रीय जूनियर टेनिस में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा रहा है।