एपस्टीन मामले में हाउस कमेटी की बड़ी कार्रवाई: क्लिंटन दंपती और पूर्व अधिकारियों को भेजे समन

एपस्टीन मामले में हाउस कमेटी की बड़ी कार्रवाई: क्लिंटन दंपती और पूर्व अधिकारियों को भेजे समन

जैफरी एपस्टीन सेक्स ट्रैफिकिंग मामले को लेकर अमेरिकी कांग्रेस की हाउस ओवरसाइट कमेटी ने एक बार फिर सख्त रुख अपनाते हुए पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन और पूर्व विदेश मंत्री हिलेरी क्लिंटन सहित कई शीर्ष अधिकारियों को समन जारी किए हैं। इसके साथ ही न्याय विभाग से संबंधित सभी जांच फाइलें भी तलब की गई हैं।

रिपब्लिकन पार्टी के नेतृत्व वाली कमेटी ने मंगलवार को आठ पूर्व कानून प्रवर्तन अधिकारियों और क्लिंटन दंपती से अगस्त से अक्टूबर के बीच गवाही देने के लिए उपस्थित होने को कहा है। यह समन एपस्टीन और उसकी सहयोगी घिसलेन मैक्सवेल से जुड़ी जानकारियों को सार्वजनिक कराने की मांग के तहत जारी किए गए हैं।

क्लिंटन और एपस्टीन की पुरानी जान-पहचान

बिल क्लिंटन का नाम पहले भी एपस्टीन के संपर्क में होने के आरोपों में सामने आया था। हालांकि क्लिंटन ने हमेशा इन आरोपों का खंडन करते हुए कहा है कि उन्हें एपस्टीन के अपराधों की कोई जानकारी नहीं थी। वह केवल कुछ सार्वजनिक आयोजनों में उसके संपर्क में आए थे और कभी उसके घर नहीं गए।

एक पीड़िता, वर्जीनिया गियूफ्रे, ने एक बार दावा किया था कि उन्होंने क्लिंटन के साथ हेलिकॉप्टर की यात्रा की थी और डोनाल्ड ट्रंप के साथ फ्लर्ट किया था। बाद में उन्होंने यह बयान शपथ पत्र में गलत बताया और कहा कि यह मीडिया की गलत रिपोर्टिंग थी।

जांच में ट्रंप का भी उल्लेख

हालांकि पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुद को एपस्टीन से अलग बताते हुए कहा है कि उन्होंने काफी पहले ही एपस्टीन से अपने संबंध तोड़ दिए थे, लेकिन अब यह जांच ट्रंप प्रशासन की भूमिका और न्याय विभाग की जवाबदेही पर भी सवाल खड़े कर रही है।

कमेटी के चेयरमैन जेम्स कोमर ने कहा, “यह आवश्यक है कि कांग्रेस न केवल सेक्स ट्रैफिकिंग कानूनों के प्रवर्तन पर निगरानी रखे, बल्कि यह भी देखे कि एपस्टीन और मैक्सवेल के मामलों को न्याय विभाग ने किस तरह संभाला।”

पूर्व अटॉर्नी जनरल और एफबीआई निदेशकों को भी समन

कमेटी ने चार पूर्व राष्ट्रपति प्रशासन के तहत काम कर चुके अटॉर्नी जनरल - मेरिक गारलैंड, विलियम बर्र, जेफ सेशंस, लोरेटा लिंच, एरिक होल्डर और अल्बर्टो गोंजालेज को भी समन भेजा है। इसके साथ ही एफबीआई के पूर्व निदेशक जेम्स कोमी और रॉबर्ट मुलर को भी गवाही के लिए बुलाया गया है।

डेमोक्रेट सांसदों की भी भूमिका

दिलचस्प बात यह है कि इस कार्रवाई की पहल डेमोक्रेटिक सांसदों रॉबर्ट गार्सिया और समर ली ने की थी। उन्होंने कहा, “आज हमने पारदर्शिता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। हमें पीड़ितों के लिए न्याय सुनिश्चित करने के लिए इन दस्तावेजों की तत्काल आवश्यकता है।”

क्या लागू होंगे समन?

हालांकि कमेटी ने न्याय विभाग को 19 अगस्त तक दस्तावेज़ सौंपने का आदेश दिया है, लेकिन ऐसी मांगें अक्सर कानूनी बहस और राजनीतिक हस्तक्षेप की भेंट चढ़ जाती हैं। हिलेरी क्लिंटन से 9 अक्टूबर और बिल क्लिंटन से 14 अक्टूबर को गवाही ली जानी है।

पूर्व राष्ट्रपति स्वेच्छा से कांग्रेस के सामने पेश होते रहे हैं, लेकिन अब तक किसी को इसके लिए मजबूर नहीं किया गया है। देखना होगा कि क्या ट्रंप प्रशासन इस बार समन का पालन करता है या फिर कानूनी अड़चनें खड़ी की जाती हैं।

मैक्सवेल की गवाही और आगे की राह

कमेटी ने पहले घिसलेन मैक्सवेल से भी गवाही की मांग की थी, लेकिन उसकी याचिका सुप्रीम कोर्ट में लंबित होने के कारण, यह प्रक्रिया फिलहाल टाल दी गई है। हालांकि, न्याय विभाग ने हाल ही में मैक्सवेल से डेढ़ दिन तक पूछताछ की थी।

डेमोक्रेट सांसदों ने साफ किया है कि केवल मैक्सवेल की गवाही पर भरोसा नहीं किया जा सकता, जब तक कि सभी जांच फाइलें सामने न आ जाएं।

उन्होंने कहा, “हम यह लड़ाई तब तक जारी रखेंगे, जब तक हमें हर दस्तावेज़ नहीं मिल जाता।”