संयुक्त राष्ट्र में भारत ने एक बार फिर स्पष्ट रूप से दो-राष्ट्र समाधान (Two-State Solution) का समर्थन करते हुए इज़राइल-फिलिस्तीन संघर्ष के शांतिपूर्ण समाधान की वकालत की है। भारत ने कहा कि वह फिलिस्तीनी लोगों के वैध अधिकारों और आकांक्षाओं के साथ खड़ा है और उनके जीवन में वास्तविक बदलाव लाने का समर्थन करता है।
भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि ने कहा, "हमारे फिलिस्तीनी भाई-बहनों के जीवन में ठोस बदलाव लाने की आवश्यकता है। भारत दो-राष्ट्र समाधान का समर्थन करता है जिसमें इज़राइल और फिलिस्तीन, दोनों शांतिपूर्वक, सुरक्षित और मान्यता प्राप्त सीमाओं के भीतर सह-अस्तित्व में हों।"
भारत ने दोहराया कि फिलिस्तीन की स्वतंत्र, संप्रभु और टिकाऊ राज्य के रूप में स्थापना ही इस लंबे समय से चल रहे संघर्ष का न्यायोचित और स्थायी समाधान है। इस समाधान में पूर्वी यरुशलम को फिलिस्तीन की राजधानी के रूप में मान्यता दी जाती है।
भारत ने यह भी रेखांकित किया कि वह फिलिस्तीनी जनता के विकास, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में निरंतर सहायता प्रदान करता रहा है। भारत की यह नीति अतीत में भी संतुलित रही है और वर्तमान में भी इज़राइल और फिलिस्तीन दोनों के साथ संवाद और सहयोग बनाए रखने की नीति पर टिकी हुई है।
पृष्ठभूमि:
इज़राइल-फिलिस्तीन विवाद दशकों से मध्य पूर्व की राजनीति का सबसे संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है। दुनिया भर में अधिकांश देश इस संघर्ष के समाधान के लिए दो-राष्ट्र सिद्धांत का समर्थन करते हैं। भारत की विदेश नीति ने हमेशा फिलिस्तीनी लोगों की वैध आकांक्षाओं को समर्थन देते हुए, इज़राइल के साथ रणनीतिक सहयोग भी बनाए रखा है।