नई दिल्ली, 21 अगस्त 2025 – भारत सरकार ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के उन आरोपों को सख्ती से नकार दिया है, जिनमें दावा किया गया था कि अपदस्थ प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग के सदस्य भारत से बांग्लादेश विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं।
विदेश मंत्रालय (MEA) ने अपने बयान में स्पष्ट कहा कि भारत की धरती से किसी भी देश के खिलाफ राजनीतिक गतिविधियों को न तो अनुमति दी जाती है और न ही सहन किया जाता है। मंत्रालय ने बांग्लादेश सरकार द्वारा लगाए गए आरोपों को "भ्रामक और तथ्यों से परे" बताया।
भारत सरकार ने अपने आधिकारिक बयान में यह भी कहा कि बांग्लादेश में जल्द से जल्द स्वतंत्र, निष्पक्ष और समावेशी चुनाव कराए जाने चाहिए, ताकि वहां की जनता की इच्छा और जनादेश को सही प्रतिनिधित्व मिल सके।
गौरतलब है कि बांग्लादेश चुनाव आयोग ने अगले साल फरवरी में आम चुनाव कराने की घोषणा की है। हालांकि, मौजूदा हालात को देखते हुए इन चुनावों की पारदर्शिता और निष्पक्षता पर सवाल बने हुए हैं।
बांग्लादेश सरकार ने हाल ही में यह दावा किया था कि अवामी लीग के सदस्य नई दिल्ली और कोलकाता में दफ्तर खोलकर राजनीतिक गतिविधियां चला रहे हैं। बांग्लादेश का कहना है कि यह पड़ोसी देशों के बीच अच्छे रिश्तों और परस्पर हस्तक्षेप न करने की नीति के खिलाफ है।
5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन के दौरान हुई हिंसा के बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री शेख हसीना को पद छोड़ना पड़ा था। उसके बाद से वे भारत में रह रही हैं। वहीं, मशहूर अर्थशास्त्री मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की कार्यवाहक सरकार का प्रमुख बनाया गया।
यूनुस सरकार के कार्यभार संभालने के बाद से ही भारत-बांग्लादेश संबंधों में खटास बढ़ी है। खासकर हिंदू समुदाय पर हमलों के मामलों को लेकर तनाव बढ़ा है, जिन पर यूनुस सरकार लगातार आलोचना झेल रही है।
👉 कुल मिलाकर, भारत ने यह साफ संदेश दिया है कि उसकी धरती से किसी भी पड़ोसी देश के खिलाफ गतिविधियों को बढ़ावा नहीं दिया जाएगा, और अब बांग्लादेश में लोकतांत्रिक प्रक्रिया के सुचारू संचालन की जिम्मेदारी वहां की अंतरिम सरकार पर है।