अमेरिका से डील अधूरी, भारत लौटी भारतीय टीम – किन मुद्दों पर नहीं बनी सहमति?

अमेरिका से डील अधूरी, भारत लौटी भारतीय टीम – किन मुद्दों पर नहीं बनी सहमति?

भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से लंबित व्यापार समझौते को लेकर हुई उच्चस्तरीय बातचीत एक बार फिर बिना ठोस नतीजे के समाप्त हो गई। व्यापार डील पर बातचीत के लिए वॉशिंगटन गई भारतीय प्रतिनिधिमंडल की टीम अब भारत लौट चुकी है। दोनों देशों के बीच कुछ प्रमुख मुद्दों पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके चलते समझौते पर अंतिम मुहर नहीं लग पाई।

किन मुद्दों पर नहीं बनी सहमति?

  1. टैरिफ कटौती पर मतभेद:
    अमेरिका चाहता है कि भारत अपने कृषि और औद्योगिक उत्पादों पर आयात शुल्क में कटौती करे, जबकि भारत ने इसे घरेलू किसानों और छोटे उद्योगों के हितों के खिलाफ बताया।

  2. डिजिटल ट्रेड और डेटा लोकलाइजेशन:
    अमेरिका ने डिजिटल व्यापार में अधिक खुलेपन और डेटा फ्री-फ्लो की मांग की है, जबकि भारत ने डेटा की सुरक्षा और राष्ट्रीय हितों का हवाला देकर इसमें नरमी दिखाने से इनकार किया।

  3. बौद्धिक संपदा अधिकार (IPR):
    फार्मा और टेक्नोलॉजी सेक्टर को लेकर अमेरिका चाहता है कि भारत बौद्धिक संपदा नियमों को और कठोर बनाए, लेकिन भारत ने इससे भारतीय जनहित को प्रभावित होने की आशंका जताई।

  4. प्रोत्साहन योजनाओं पर आपत्ति:
    अमेरिका को भारत की 'प्रोडक्शन लिंक्ड इंसेंटिव (PLI)' जैसी योजनाओं पर आपत्ति है। उनका कहना है कि ये योजनाएं घरेलू उद्योग को अनुचित लाभ देती हैं।

क्या बोले भारतीय अधिकारी?

एक वरिष्ठ सरकारी सूत्र ने बताया,

"बातचीत सकारात्मक रही लेकिन कुछ अहम बिंदुओं पर मतभेद रह गए। हम जल्द ही अगले दौर की चर्चा के लिए अमेरिका के साथ संपर्क में रहेंगे।"

अब आगे क्या?

विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों देशों के बीच व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक इच्छाशक्ति तो है, लेकिन घरेलू दबाव और राष्ट्रीय हितों के कारण कुछ समय और लग सकता है। आगामी महीनों में फिर से वार्ता की संभावना है।

पृष्ठभूमि

भारत और अमेरिका के बीच पिछले कुछ वर्षों से व्यापक व्यापार समझौते को लेकर बातचीत चल रही है। उद्देश्य है कि दोनों देशों के बीच टैरिफ, निवेश, टेक्नोलॉजी और सेवाओं के क्षेत्र में बाधाएं कम की जाएं।