सिडनी। बॉन्डी क्षेत्र में हुई हालिया सामूहिक हिंसा की घटना से पहले आतंकवाद-रोधी अभियानों को लेकर न्यू साउथ वेल्स पुलिस और ऑस्ट्रेलियन फेडरल पुलिस (AFP) के बीच गंभीर मतभेद सामने आए हैं। इन मतभेदों ने देश की खुफिया और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सूत्रों के अनुसार, दोनों एजेंसियों के बीच संयुक्त आतंकवाद-रोधी अभियानों की रणनीति, सूचना साझा करने की प्रक्रिया और निर्णय लेने के तरीकों को लेकर लंबे समय से मतभेद चल रहे थे। बॉन्डी की घटना के बाद यह ‘अंदरूनी खींचतान’ खुलकर सामने आ गई है, जिसे कई वरिष्ठ अधिकारी ‘बैड ब्लड’ की संज्ञा दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि समय रहते खुफिया सूचनाओं का बेहतर समन्वय होता और स्पष्ट प्रोटोकॉल लागू किए गए होते, तो हालात को अलग दिशा में मोड़ा जा सकता था। इसी पृष्ठभूमि में अब आतंकवाद-रोधी मानक प्रक्रियाओं (प्रोटोकॉल) में बदलाव की मांग तेज़ हो गई है।
सोमवार को सिडनी ओपेरा हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में पुलिस आयुक्त कैरन वेब ने स्वीकार किया कि एजेंसियों के बीच सहयोग को और मज़बूत करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सूचना साझा करने और संयुक्त कार्रवाई की व्यवस्था की समीक्षा की जाएगी।
राजनीतिक और सुरक्षा विश्लेषकों का कहना है कि यह मामला केवल एक घटना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे राष्ट्रीय सुरक्षा ढांचे में सुधार की आवश्यकता की ओर इशारा करता है। अब निगाहें इस पर टिकी हैं कि सरकार और सुरक्षा एजेंसियां इन आंतरिक मतभेदों को दूर कर एक साझा और प्रभावी रणनीति तैयार कर पाती हैं या नहीं।