सिडनी।
ऑस्ट्रेलिया के केंद्रीय बैंक Reserve Bank of Australia (आरबीए) ने बढ़ती महंगाई को काबू में करने के लिए वर्ष 2026 की पहली मौद्रिक नीति बैठक में ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी का फैसला किया है। इसके साथ ही आधिकारिक नकद दर बढ़कर 3.85 प्रतिशत हो गई है।
यह दर जुलाई 2025 के स्तर पर लौट आई है। मंगलवार को लिया गया यह निर्णय सर्वसम्मति से किया गया, और संकेत दिए गए हैं कि आने वाले महीनों में ब्याज दरों में और बढ़ोतरी से इनकार नहीं किया जा सकता।
आरबीए की गवर्नर Michele Bullock ने फैसले के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि हालिया आंकड़ों और नए आर्थिक अनुमानों से यह स्पष्ट हो गया है कि महंगाई अभी भी बैंक के 2 से 3 प्रतिशत के लक्ष्य दायरे से ऊपर बनी हुई है।
उन्होंने कहा,
“हाल के आंकड़े यह दिखाते हैं कि मूलभूत महंगाई बहुत ज़्यादा मज़बूत है। मौजूदा ब्याज दरें महंगाई को उचित समय में लक्ष्य पर लाने के लिए पर्याप्त नहीं थीं।”
गवर्नर बुलॉक ने स्वीकार किया कि यह फैसला लाखों ऑस्ट्रेलियाई गृह ऋणधारकों के लिए निराशाजनक है, लेकिन उन्होंने इसे अर्थव्यवस्था के लिए ज़रूरी बताया।
उन्होंने कहा,
“मैं समझती हूं कि यह मॉर्गेज रखने वालों के लिए अच्छी खबर नहीं है, लेकिन अगर महंगाई ऊंची बनी रहती है तो इसका असर रोज़मर्रा की ज़िंदगी पर और भी ज़्यादा पड़ता है — चाहे वह किराना सामान हो, चिकित्सा सेवाएं हों या अन्य आवश्यक खर्च।”
आरबीए गवर्नर ने भविष्य की ब्याज दरों को लेकर कोई स्पष्ट अनुमान देने से इनकार किया। उन्होंने कहा कि बहुत तेज़ी से महंगाई कम करने की कोशिश बेरोज़गारी और आर्थिक विकास पर नकारात्मक असर डाल सकती है।
“हमारी रणनीति में बदलाव नहीं हुआ है। हमारा लक्ष्य महंगाई को नीचे लाना है, लेकिन साथ ही रोज़गार को भी यथासंभव मज़बूत बनाए रखना है,” उन्होंने कहा।
बुलॉक ने यह भी बताया कि ऑस्ट्रेलियाई अर्थव्यवस्था के कुछ हिस्से मज़बूत स्थिति में हैं। श्रम बाज़ार सशक्त है और घरेलू मांग में सुधार देखा जा रहा है। हालांकि, आपूर्ति संबंधी सीमाएं अब भी चुनौती बनी हुई हैं।
आरबीए के आधिकारिक बयान में कहा गया कि महंगाई कुछ समय तक लक्ष्य से ऊपर रह सकती है, इसलिए ब्याज दरों में बढ़ोतरी “उचित” मानी गई।
अर्थशास्त्रियों का मानना है कि यदि महंगाई दबाव कम नहीं हुआ, तो आने वाली बैठकों में आरबीए को और सख़्त कदम उठाने पड़ सकते हैं।