ठगों के ब्रेनवॉश का शिकार बनी जबलपुर की महिला, डेढ़ महीने तक रही ‘डिजिटल अरेस्ट’ में, देशभर में भटकती रही

ठगों के ब्रेनवॉश का शिकार बनी जबलपुर की महिला, डेढ़ महीने तक रही ‘डिजिटल अरेस्ट’ में, देशभर में भटकती रही

मध्यप्रदेश के जबलपुर में साइबर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसमें एक महिला ठगों के ऐसे मानसिक जाल में फंस गई कि उसने खुद को ‘ठगों की मददगार’ मान लिया और डेढ़ महीने तक देशभर में इधर-उधर भटकती रही। यह मामला बरगी थाना क्षेत्र की रहने वाली 36 वर्षीय आशा कार्यकर्ता पुष्पलता झारिया से जुड़ा है, जो ठगों के झांसे में आकर न केवल चार लाख रुपये गवां बैठी, बल्कि खुद को 'डिजिटल अरेस्ट' में मानते हुए दिल्ली, मुंबई और सूरत तक भटकती रही।

करोड़ों की लॉटरी और गिरफ्तारी का डर

पुष्पलता को कुछ समय पहले एक अंतरराष्ट्रीय वीपीएन नंबर से कॉल आया, जिसमें उसे बताया गया कि उसने करोड़ों की लॉटरी, सोना और हीरे के आभूषण जीते हैं। इनाम पाने के लिए उसे विभिन्न बहानों से पैसे ट्रांसफर करने को कहा गया। इसके बाद ठगों ने कहानी रची कि इनाम लेकर आने वाला व्यक्ति पुलिस द्वारा गिरफ्तार हो गया है और उसके पास महिला का आधार कार्ड है, जिससे वह भी गिरफ्तार हो सकती है।

डर और लालच में आकर पुष्पलता ने लगभग चार लाख रुपये ऑनलाइन ठगों के खाते में भेज दिए। जब उसके परिवार को इसकी जानकारी हुई और उन्होंने सवाल उठाए, तो महिला ने किसी को कुछ बताने से इनकार कर दिया क्योंकि ठगों ने उसे विश्वास दिला दिया था कि यदि किसी को बताया गया तो इनाम रद्द हो जाएगा।

अपहरण का नाटक और देशभर में भटकन

पुष्पलता 26 अप्रैल को बरगी जाने की बात कहकर निकली और फिर लापता हो गई। 4 मई को परिजनों ने उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। इस बीच, वह मुंबई, सूरत और दिल्ली जैसे शहरों में रही, रेलवे स्टेशनों पर रात बिताई, लंगर व निःशुल्क भोजन से गुजारा किया और ठगों को और पैसा भेजने के लिए छोटी-मोटी नौकरियां भी कीं।

ठगों ने उसे खुद का अपहरण दिखाने के लिए मजबूर किया। महिला ने रोते हुए एक वीडियो बनाकर भेजा, जिसे 1 जून को उसके पति को भेजकर ठगों ने दो लाख रुपये की फिरौती मांगी और न देने पर उसकी हत्या कर शव के टुकड़े करने की धमकी दी।

हाईकोर्ट में याचिका और पुलिस की सफलता

घटना की गंभीरता को देखते हुए पुष्पलता की मां ने मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर की। कोर्ट के निर्देश पर पुलिस ने चार टीमें बनाईं और महिला की तलाश शुरू की। इस बीच, महिला का मोबाइल चोरी हो गया, लेकिन उसने किसी अन्य व्यक्ति के फोन से परिजनों को कॉल किया, जिससे उसकी लोकेशन ग्रेटर नोएडा में ट्रेस की गई। वहां से पुलिस ने उसे सुरक्षित बरामद कर लिया।

मानसिक स्थिति अब भी असंतुलित

फिलहाल पुष्पलता की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं है। उसे चक्कर आ रहे हैं, शरीर कांपता है और अब भी वह मानती है कि ठग निर्दोष हैं और उसे इनाम मिलेगा। पुलिस ने उसकी काउंसलिंग शुरू कर दी है और साइबर ठगों की तलाश के लिए जांच जारी है।

यह घटना साइबर अपराधों की गंभीरता और मानसिक ब्रेनवॉश की खतरनाक हकीकत को उजागर करती है। नागरिकों को इस तरह की ठगी से सतर्क रहने और किसी भी इनाम या धमकी से संबंधित कॉल या संदेश की तुरंत जांच कराने की सलाह दी जाती है।