टोक्यो, 28 अगस्त 2025 – जापान सरकार ने माउंट फ़ूजी के संभावित ज्वालामुखी विस्फोट को लेकर एक एआई-निर्मित वीडियो जारी किया है, जिसने नागरिकों और यात्रियों में चिंता बढ़ा दी है।
वीडियो की शुरुआत मोबाइल पर अलर्ट मिलने से होती है, इसके बाद आवाज़ सुनाई देती है: “यह क्षण कभी भी बिना चेतावनी के आ सकता है।” कुछ ही घंटों में राख पूरे टोक्यो को ढकते हुए दिखाई जाती है।
विशेषज्ञों के अनुसार, विस्फोट की स्थिति में राख दो घंटे के भीतर राजधानी तक पहुँच सकती है। इससे न केवल स्वास्थ्य खतरे में पड़ेंगे, बल्कि बिजली आपूर्ति, यातायात और खाद्य वितरण भी गंभीर रूप से प्रभावित होंगे।
माउंट फ़ूजी का आख़िरी विस्फोट 318 साल पहले, होएई विस्फोट के रूप में हुआ था। सरकारी आकलनों के मुताबिक, संभावित विस्फोट से लगभग 1.7 अरब घन मीटर राख निकलेगी, जिसमें से लगभग 49 करोड़ घन मीटर सड़कों, इमारतों और ज़मीन पर जम सकती है।
अगर तीन सेंटीमीटर से अधिक राख बरसात में जम गई तो सड़कों पर यातायात ठप हो जाएगा और रेल सेवाएँ रुक सकती हैं। कमजोर इमारतों के गिरने का भी खतरा है। बिजली लाइनों पर दबाव बढ़ने से बड़े पैमाने पर बिजली आपूर्ति बाधित हो सकती है।
सोशल मीडिया पर कई लोगों ने अपनी चिंता जताई। एक उपयोगकर्ता ने लिखा, “टोक्यो में परिवहन ठप होने की कल्पना ही डरावनी है।” वहीं कुछ लोगों ने सरकार पर अनावश्यक डर फैलाने का आरोप लगाया।
जापान लंबे समय से फ़ूजी और अन्य ज्वालामुखियों के आसपास रहने वालों को तैयार रहने की सलाह देता आया है। मार्च में निवासियों को दो सप्ताह का आवश्यक सामान हमेशा घर पर रखने की हिदायत दी गई थी।
सरकारी अनुमानों के अनुसार, अगर माउंट फ़ूजी फटा तो आर्थिक क्षति 2.5 ट्रिलियन येन (करीब 26 अरब ऑस्ट्रेलियाई डॉलर) तक हो सकती है।
जापान "रिंग ऑफ़ फ़ायर" क्षेत्र में आता है, जहाँ ज्वालामुखीय और भूकंपीय गतिविधियाँ आम हैं। इसी साल जनवरी में सरकार ने चेताया था कि दक्षिणी नंकाई ट्रफ में अगले 30 वर्षों में भीषण भूकंप आने की 80% संभावना है।