लॉस एंजेलिस। फ्रेंड्स जैसे सुपरहिट टीवी शो से दुनियाभर में मशहूर हुए हॉलीवुड अभिनेता मैथ्यू पेरी की मौत के मामले में अब अदालत में अहम प्रगति हुई है। ड्रग तस्करी में शामिल बताई जा रही ‘केटामिन क्वीन’ के नाम से चर्चित जसवीन संगा ने संघीय अभियोजकों के साथ समझौता करते हुए दोष स्वीकारने पर सहमति जता दी है।
यह मामला अक्टूबर 2023 का है, जब 54 वर्षीय मैथ्यू पेरी अपने लॉस एंजेलिस स्थित घर में मृत पाए गए थे। जांच में पाया गया कि उनकी मौत अत्यधिक मात्रा में केटामिन नामक मादक दवा लेने से हुई थी। इस सिलसिले में पाँच आरोपियों पर केस दर्ज हुआ था। अब जसवीन संगा इस केस की पाँचवीं और अंतिम आरोपी हैं, जिन्होंने अदालत में प्ली एग्रीमेंट (plea agreement) यानी दोष स्वीकार करने का निर्णय लिया है। इससे पहले चार अन्य आरोपी भी अभियोजन पक्ष से समझौता कर चुके हैं।
अदालत में पेश दस्तावेज़ों के अनुसार, जसवीन संगा पर आरोप है कि उन्होंने मैथ्यू पेरी को वह घातक खुराक बेची थी, जिससे उनकी जान चली गई। केटामिन एक शक्तिशाली नशीला पदार्थ है, जिसका दुरुपयोग तेजी से बढ़ रहा है। इसे आमतौर पर ‘डेट-रेप ड्रग’ भी कहा जाता है। माना जाता है कि जसवीन संगा लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थीं और इसी कारण उन्हें ‘केटामिन क्वीन’ की संज्ञा दी गई।
फेडरल अभियोजकों ने बताया कि जसवीन संगा दोष स्वीकारने के बाद सज़ा सुनवाई का इंतजार करेंगी। उम्मीद है कि अदालत उन्हें कारावास की कठोर सज़ा और भारी जुर्माने का आदेश दे सकती है। हालांकि सटीक सज़ा का निर्धारण सुनवाई के दौरान होगा।
मैथ्यू पेरी ने 1990 के दशक में टीवी सीरियल फ्रेंड्स के किरदार "चैंडलर बिंग" के रूप में अपार लोकप्रियता हासिल की। उनकी कॉमिक टाइमिंग और संवाद अदायगी ने उन्हें दुनिया के सबसे पसंदीदा टीवी कलाकारों में शामिल कर दिया। हालांकि, परदे की इस सफलता के पीछे निजी जीवन में वह लंबे समय तक नशे की लत और मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझते रहे। उन्होंने खुद अपनी आत्मकथा में स्वीकार किया था कि वे शराब और ड्रग्स की लत से कई बार रिहैब में गुज़रे।
मैथ्यू पेरी की अचानक हुई मौत ने उनके लाखों प्रशंसकों को झकझोर दिया था। पूरी दुनिया में सोशल मीडिया पर उनके लिए शोक संदेशों की बाढ़ आ गई थी। हॉलीवुड के कई दिग्गज कलाकारों ने भी उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी थी। अब इस केस के सभी आरोपियों के दोष स्वीकारने से यह स्पष्ट हो गया है कि न्यायिक प्रक्रिया अपने अंतिम चरण में पहुँच चुकी है।