कैनबरा: टैक्स बढ़ोतरी को लेकर ट्रेज़री विभाग की गोपनीय सलाह के खुलासे के बाद ऑस्ट्रेलियाई लेबर सरकार एक बार फिर विपक्ष और जनता के निशाने पर आ गई है। यह जानकारी फ्रीडम ऑफ इन्फॉर्मेशन (FOI) के तहत दी गई एक प्रतिक्रिया में अनजाने में सार्वजनिक हो गई।
ट्रेज़री की इस सलाह में वित्त मंत्री जिम चालमर्स को सुझाव दिया गया था कि वे कुछ करों में वृद्धि करें, साथ ही सरकार के आवास लक्ष्य को लेकर भी संदेह जताया गया था। इस खुलासे के बाद राजनीतिक हलकों में हड़कंप मच गया।
लेबर कैबिनेट मंत्री मरे वॉट ने मामले पर सफाई देते हुए कहा, "सरकारी विभागों की ओर से सुझाव देना कोई असामान्य बात नहीं है। सरकार अंतिम निर्णय अपने राजनीतिक और आर्थिक दृष्टिकोण के आधार पर लेती है।"
हालांकि विपक्ष ने इसे जनता के साथ धोखा करार दिया है और मांग की है कि सरकार स्पष्ट करे कि क्या वास्तव में टैक्स बढ़ाने की योजना पर काम किया जा रहा है।
इस बीच, आवास संकट से जूझ रही जनता के लिए ट्रेज़री का यह संदेह सरकार की विश्वसनीयता पर एक और प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। FOI दस्तावेज़ों में यह भी संकेत मिला है कि सरकार का 1.2 मिलियन घरों के निर्माण का लक्ष्य व्यावहारिक रूप से संभव नहीं है।
सरकार ने अभी तक यह नहीं बताया कि ट्रेज़री की सिफारिशों को गंभीरता से लिया गया है या नहीं, लेकिन खुलासा यह दिखाता है कि आंतरिक रूप से लेबर सरकार की नीतियों को लेकर कुछ असहमति और चिंताएं मौजूद हैं।
निष्कर्ष:
ट्रेज़री की सलाह के लीक होने से न सिर्फ सरकार की टैक्स नीति पर सवाल उठे हैं, बल्कि इसके आवास लक्ष्यों की वास्तविकता पर भी बहस शुरू हो गई है। आने वाले दिनों में सरकार पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर दबाव बढ़ना तय है।