कैनबरा। ऑस्ट्रेलिया की विपक्षी लिबरल पार्टी में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों के बीच डिप्टी विपक्षी नेता टेड ओ’ब्रायन ने पार्टी के कुछ नेताओं पर नाराज़गी जताते हुए कहा है कि इस तरह की अंदरूनी चर्चाएं “निराशाजनक” हैं। उन्होंने साफ़ कहा कि पार्टी नेता सुसैन ले की कुर्सी सुरक्षित है और उन्हें पूरा समर्थन हासिल है।
कोएलिशन में हाल ही में हुए विभाजन के बाद यह अटकलें तेज़ हो गई हैं कि पार्टी के रूढ़िवादी धड़े के नेता सुसैन ले को चुनौती दे सकते हैं। संभावित दावेदारों में एंगस टेलर और एंड्रयू हैस्टी के नाम सामने आए हैं। हालांकि, ले समर्थक नेताओं का कहना है कि उन्हें नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कोई औपचारिक संपर्क नहीं किया गया है।
टेड ओ’ब्रायन, जो सुसैन ले के सबसे मजबूत समर्थकों में माने जाते हैं, ने एबीसी से बातचीत में कहा,
“वह लोकतांत्रिक तरीके से चुनी गई नेता हैं। मैं मानता हूं कि वह अच्छा काम कर रही हैं और मेरा समर्थन उनके साथ है।”
गौरतलब है कि सुसैन ले का आठ महीने का कार्यकाल कठिनाइयों से भरा रहा है। इस दौरान पार्टी को रिकॉर्ड निचले जनमत सर्वे, दो बार कोएलिशन विभाजन, शैडो कैबिनेट में फेरबदल और असंतुष्ट सांसदों जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा है।
ओ’ब्रायन ने कहा कि मीडिया में नेतृत्व चुनौती को लेकर बातें फैलाना पार्टी हित में नहीं है।
“हमें सरकार को जवाबदेह ठहराने पर ध्यान देना चाहिए, खासकर तब जब महंगाई बढ़ रही है और आम लोग आर्थिक दबाव महसूस कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
इसी बीच वरिष्ठ लिबरल नेता जेम्स पैटरसन ने भी सुसैन ले का समर्थन करते हुए कहा कि पार्टी के अधिकांश सांसद अभी भी उनके साथ हैं। उन्होंने वेस्टमिंस्टर परंपरा का हवाला देते हुए कहा कि यदि कोई नेता का समर्थन नहीं करता, तो उसे खुलकर कहना चाहिए या पद छोड़ देना चाहिए।
कोएलिशन की संभावित पुनर्एकता पर बोलते हुए पैटरसन ने कहा कि यह व्यक्तित्व नहीं बल्कि सिद्धांतों का सवाल है। उन्होंने ज़ोर दिया कि प्रभावी विपक्ष और भविष्य की सरकार बनने के लिए शैडो कैबिनेट की सामूहिक जिम्मेदारी सभी दलों को स्वीकार करनी होगी।
उधर, एंगस टेलर ने हाल ही में एक साक्षात्कार में भविष्य में नेतृत्व दावेदारी से इनकार नहीं किया है, जबकि एंड्रयू हैस्टी फ्रंटबेंच छोड़ने के बाद सोशल मीडिया के ज़रिए अपनी कड़ी नीतियों के कारण चर्चा में हैं।
लिबरल पार्टी के भीतर जारी यह खींचतान आने वाले समय में विपक्ष की दिशा और कोएलिशन की एकता पर बड़ा असर डाल सकती है।