सिडनी। ऑस्ट्रेलियाई रियलिटी शो Married At First Sight के ताज़ा एपिसोड में एक बार फिर विवाद और चर्चा का माहौल देखने को मिला। शो के तीसरे एपिसोड में एक दूल्हे द्वारा दुल्हन की शारीरिक बनावट को लेकर की गई टिप्पणियाँ दर्शकों की नाराज़गी का कारण बनीं, वहीं कार्यक्रम में एक दिलचस्प मोड़ भी देखने को मिला।
शो में शामिल एक दूल्हे ने अपनी पसंद-नापसंद बताते हुए साफ़ शब्दों में कहा था कि वह “मोटे लोगों” को पसंद नहीं करता। निर्माताओं ने उसे एक पेशेवर मॉडल से जोड़ा, लेकिन विवाह के तुरंत बाद ही उस मॉडल ने दूल्हे को अस्वीकार कर दिया। सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को कई दर्शकों ने “विडंबनापूर्ण न्याय” बताया।
कार्यक्रम के निर्माताओं की भूमिका पर भी चर्चा हो रही है। कई दर्शकों का मानना है कि प्रतिभागियों के पुराने विचारों को उजागर कर उन्हें ऐसे जोड़ों में बाँधना, शो की रणनीति का हिस्सा है ताकि सामाजिक मुद्दों पर बहस को बढ़ावा दिया जा सके।
इसी एपिसोड में एक अन्य जोड़े की हनीमून यात्रा भी चर्चा में रही। खुले डिज़ाइन वाले कमरे और निजी स्थान की कमी को लेकर दूल्हे की असहजता दिखाई गई, जिससे दर्शकों को रिश्ते की शुरुआती संवेदनशीलता और व्यक्तिगत सीमाओं का एहसास हुआ। हालांकि इस कहानी को आगे विस्तार नहीं दिया गया, फिर भी इसने यह सवाल खड़ा किया कि रियलिटी शो प्रतिभागियों की निजता और मनोरंजन के बीच संतुलन कैसे बनाते हैं।
कुल मिलाकर, यह एपिसोड न केवल मनोरंजन बल्कि शरीर को लेकर होने वाले पूर्वाग्रह, सम्मान और व्यक्तिगत गरिमा जैसे मुद्दों पर भी ध्यान आकर्षित करता है। दर्शकों और विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे कार्यक्रमों को लोकप्रियता के साथ-साथ सामाजिक ज़िम्मेदारी भी निभानी चाहिए।