ऑस्ट्रेलिया की एक प्रमुख एटीएम सेवा प्रदाता कंपनी Next Payments, जिसे वित्तीय दिग्गज Macquarie Group का समर्थन प्राप्त है, अब अपने 40 से अधिक एटीएम मशीनों को अवैध तंबाकू दुकानों से हटाने की कार्रवाई में जुट गई है। यह कदम एक बड़े मीडिया खुलासे के बाद उठाया गया है, जिसमें इन एटीएम मशीनों के जरिए अवैध तंबाकू व्यापार को बढ़ावा मिलने का आरोप सामने आया।
मीडिया की जांच ने खोली पोल
ABC News की एक विशेष जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि एटीएम कंपनियों ने आपराधिक पृष्ठभूमि वाले तंबाकू कारोबारियों से डील कर उनके अवैध दुकानों में मशीनें लगाई थीं। इन दुकानों में नकद लेन-देन के माध्यम से करोड़ों डॉलर का अवैध कारोबार संचालित हो रहा था, जिससे न केवल सरकार को राजस्व की हानि हो रही थी, बल्कि संगठित अपराध को भी बल मिल रहा था।
Next Payments के CEO का बयान
Next Payments के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टिम वाइल्डैश ने कहा कि कंपनी को इस व्यापक समस्या की गंभीरता का अंदाज़ा ABC की रिपोर्ट के बाद हुआ। उन्होंने स्पष्ट किया, "अगर कोई दुकान अवैध है, तो हम वहां अपनी सेवा नहीं देंगे। मीडिया ने इस मुद्दे की भयावहता और तेज़ी से फैलाव को उजागर किया है।"
EFTEX ने भी उठाया कदम
इस प्रकरण के बाद, एक और प्रमुख वित्तीय सेवा कंपनी EFTEX ने भी अपने 5000 से अधिक एटीएम से उन दुकानों का लेन-देन बंद कर दिया है, जो अवैध तंबाकू या अन्य हाई-रिस्क गतिविधियों में संलिप्त हैं। EFTEX ने अपने क्लाइंट्स को साफ़ किया कि मीडिया की रिपोर्ट के बाद अब इस सेक्टर पर नियामकीय एजेंसियों की पैनी निगाह है।
कैसे काम करता है यह काला धंधा?
रिपोर्ट में बताया गया है कि अवैध तंबाकू दुकानों में ग्राहकों को नकद में भुगतान करने के लिए प्रेरित किया जाता है। जिनके पास कैश नहीं होता, उन्हें दुकान में मौजूद एटीएम से पैसे निकालने को कहा जाता है। यह नकद लेन-देन टैक्स विभाग और जांच एजेंसियों की पकड़ से बाहर रहता है, जिससे अपराधियों को बड़ा फायदा होता है।
कुछ दुकानों में इतनी ज़्यादा नकदी का चलन होता है कि वहां दो-दो एटीएम मशीनें लगाई गई थीं। इनसे होने वाले ट्रांजेक्शन सामान्य बैंकों की मशीनों की तुलना में तीन गुना तक ज़्यादा थे।
राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों की चिंता
ऑस्ट्रेलियाई आपराधिक खुफिया आयोग ने इसे गंभीर चिंता का विषय बताते हुए कहा है, "कुछ विशेष क्षेत्रों में निजी एटीएम के ज़रिये नकद का अत्यधिक प्रवाह संगठित अपराध के लिए मुफीद माहौल बनाता है।"