सिडनी की फिनटेक कंपनी पर साइबर हमला, 4.4 लाख से अधिक ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का निजी डेटा लीक

सिडनी की फिनटेक कंपनी पर साइबर हमला, 4.4 लाख से अधिक ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों का निजी डेटा लीक

ऑस्ट्रेलिया की एक प्रमुख फाइनेंस टेक्नोलॉजी कंपनी youX पर हुए बड़े साइबर हमले में 4.4 लाख से अधिक लोगों की निजी जानकारी लीक होने का मामला सामने आया है। कंपनी ने पुष्टि की है कि पिछले सप्ताह उसके सिस्टम में एक अनधिकृत व्यक्ति ने सेंध लगाई थी।

कंपनी का प्लेटफॉर्म वाहन, समुद्री नौकाओं, उपकरण और अन्य वस्तुओं के लिए वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराने वाले डीलरों और ऋणदाताओं द्वारा इस्तेमाल किया जाता है। इस साइबर हमले के बाद लाखों ग्राहकों की संवेदनशील जानकारी खतरे में पड़ गई है।

क्या-क्या जानकारी हुई लीक?

हैकर ने दावा किया है कि उसने 4,44,000 से अधिक उधारकर्ताओं का व्यक्तिगत और वित्तीय डेटा चुरा लिया है। इसमें शामिल हैं—

  • घर का पता

  • ईमेल आईडी

  • मोबाइल नंबर

  • ड्राइविंग लाइसेंस नंबर

  • सरकारी पहचान पत्र की जानकारी

  • आय और कर्ज से जुड़ी जानकारी

  • बैंकिंग रिकॉर्ड

इसके अलावा लगभग 6.29 लाख ऋण आवेदनों का डेटा, 2.29 लाख ड्राइविंग लाइसेंस नंबर और 6 लाख से अधिक आवासीय पते भी कथित तौर पर चोरी किए गए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, कुल 3.7 अरब डॉलर के ऋण आवेदन से जुड़ी जानकारी भी इस डेटा में शामिल है।

हैकर का दावा

एक टेक्नोलॉजी मंच पर पोस्ट किए गए संदेश में हैकर ने दावा किया कि उसने केवल डेटा का एक छोटा हिस्सा सार्वजनिक किया है। उसके अनुसार, यह जानकारी लगभग 93 ऋणदाताओं द्वारा जमा किए गए करीब 1.5 लाख रिकॉर्ड से संबंधित है।

कंपनी की प्रतिक्रिया

youX के प्रवक्ता ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही कंपनी ने तुरंत सिस्टम को सुरक्षित करने के कदम उठाए और बाहरी साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों के साथ विस्तृत जांच शुरू कर दी है।

उन्होंने कहा,
“हमें जानकारी मिली है कि एक थ्रेट एक्टर्स ने दावा किया है कि उसने हमारी प्रणाली से डेटा हासिल किया है और उसे जारी किया है। प्रारंभिक जांच में संकेत मिले हैं कि कुछ व्यक्तिगत जानकारी से समझौता हो सकता है।”

कंपनी ने यह भी बताया कि उसने ऑस्ट्रेलियाई सूचना आयुक्त कार्यालय (OAIC) को मामले की सूचना दे दी है और प्रभावित लोगों को नियमानुसार सूचित करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।

बढ़ी चिंता

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की घटनाएं वित्तीय क्षेत्र में डेटा सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। इतनी बड़ी संख्या में सरकारी पहचान और बैंकिंग जानकारी के लीक होने से पहचान की चोरी और वित्तीय धोखाधड़ी का खतरा बढ़ सकता है।

फिलहाल जांच जारी है और यह स्पष्ट नहीं है कि डेटा का दुरुपयोग हुआ है या नहीं। प्रभावित लोगों को सतर्क रहने और अपने वित्तीय खातों की नियमित निगरानी करने की सलाह दी गई है।