मुंबई, 6 जनवरी 2026।
शादी के लिए जीवनसाथी खोजने वाली मैट्रिमोनियल वेबसाइट्स का दुरुपयोग कर लोगों को प्यार और भरोसे के जाल में फंसाने वाले एक बड़े ठगी रैकेट का मीरा रोड पुलिस ने पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने देशभर में फैले अपने नेटवर्क के जरिए अब तक ₹200 करोड़ से अधिक की ठगी को अंजाम दिया है।
पुलिस ने इस मामले में सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें महिलाएं भी शामिल हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह गिरोह बेहद योजनाबद्ध और शातिर तरीके से लोगों को निशाना बनाता था।
आरोपियों द्वारा मैट्रिमोनियल साइट्स पर आकर्षक फर्जी प्रोफाइल बनाई जाती थीं। गिरोह में शामिल महिलाएं पहले पीड़ितों से दोस्ती करतीं, फिर धीरे-धीरे शादी का भरोसा दिलाकर भावनात्मक संबंध मजबूत किया जाता था। जब पीड़ित पूरी तरह विश्वास में आ जाता, तब उसे निवेश के नाम पर मोटे मुनाफे का लालच दिया जाता।
निवेश को वास्तविक दिखाने के लिए आरोपी फर्जी कंपनियों के नाम से प्रोफेशनल दिखने वाली वेबसाइट्स, दस्तावेज और निवेश प्रस्ताव तैयार करते थे। कई मामलों में शुरुआत में थोड़ा-बहुत मुनाफा दिखाकर पीड़ितों का भरोसा और मजबूत किया जाता था।
अब तक 50 से अधिक पीड़ितों की पहचान की जा चुकी है, जो देश के विभिन्न राज्यों से हैं। पुलिस के अनुसार, कई लोगों ने अपनी जीवन भर की कमाई, जमा पूंजी और कुछ मामलों में कर्ज लेकर भी निवेश किया था।
मीरा रोड पुलिस का कहना है कि पूछताछ अभी जारी है और इस इंटरनेशनल रैकेट से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि ठगी की कुल राशि इससे भी अधिक हो सकती है।
पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि वे मैट्रिमोनियल साइट्स या किसी भी ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए होने वाले निवेश प्रस्तावों से सतर्क रहें और बिना पूरी जांच-पड़ताल के किसी भी प्रकार का आर्थिक लेन-देन न करें।
यह मामला एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि भावनाओं और लालच के सहारे की जाने वाली ठगी से बचने के लिए सतर्कता और समझदारी बेहद जरूरी है।