मेलबर्न।
ऑस्ट्रेलिया के इतिहास के सबसे हिंसक अंडरवर्ल्ड संघर्षों में से एक — मेलबर्न गैंगवार — ने एक दशक से अधिक समय तक पूरे शहर को डर के साए में रखा। इस खूनी संघर्ष में 12 वर्षों के दौरान 36 लोगों की जान गई, जिनमें कई हत्याएँ सार्वजनिक स्थानों पर और बच्चों की मौजूदगी में हुईं।
ड्राइव-बाय शूटिंग, खुलेआम गोलीबारी और बदले की भावना से की गई हत्याओं ने न सिर्फ पुलिस व्यवस्था को चुनौती दी, बल्कि आम नागरिकों के मन में भी गहरा भय पैदा कर दिया।
2008 में आए चर्चित टीवी सीरीज़ Underbelly ने इस अंडरवर्ल्ड युद्ध को घर-घर तक पहुँचाया, लेकिन वास्तविकता में यह संघर्ष टीवी स्क्रीन पर दिखाए गए घटनाक्रम से कहीं आगे तक चलता रहा। इस हिंसक दौर का प्रतीकात्मक अंत 2012 में हुआ, जब कुख्यात अंडरवर्ल्ड सरगना Carl Williams की एक उच्च-सुरक्षा जेल में हत्या कर दी गई।
गैंगवार की शुरुआत को लेकर आज भी अलग-अलग मत हैं। कुछ विशेषज्ञ इसकी जड़ें 1998 में कुख्यात अपराधी Alphonse Gangitano की हत्या में देखते हैं, जिन्हें ‘लिगॉन स्ट्रीट का ब्लैक प्रिंस’ कहा जाता था।
वहीं, कई लोगों के अनुसार असली चिंगारी अक्टूबर 1999 में भड़की, जब ड्रग्स के 80,000 डॉलर के लेन-देन को लेकर हुए विवाद में Jason Moran और Mark Moran ने Carl Williams को गोली मार दी। वह हमला जानलेवा साबित नहीं हुआ, लेकिन उसी घटना ने खून-खराबे की एक लंबी श्रृंखला को जन्म दे दिया।
गैंगवार के दौरान कई घटनाएँ ऐसी थीं, जिन्होंने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया — बच्चों के फुटबॉल मैचों के पास गोलीबारी, भीड़भाड़ वाले इलाकों में हत्याएँ और खुलेआम बदले की कार्रवाइयाँ। इन घटनाओं ने कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई पर गंभीर सवाल खड़े किए।
आज, वर्षों बाद भी, मेलबर्न गैंगवार को ऑस्ट्रेलिया के आपराधिक इतिहास के सबसे काले अध्यायों में गिना जाता है — एक ऐसी कहानी, जिसने यह दिखा दिया कि अंडरवर्ल्ड की लड़ाइयाँ सिर्फ अपराधियों तक सीमित नहीं रहतीं, बल्कि पूरे समाज को अपनी चपेट में ले लेती हैं।