मेलबर्न मेट्रो टनल परियोजना की शुरुआत में बड़ी नाकामी, हजारों यात्री घंटों फंसे

मेलबर्न मेट्रो टनल परियोजना की शुरुआत में बड़ी नाकामी, हजारों यात्री घंटों फंसे

मेलबर्न।
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया राज्य की बहुप्रचारित $15.5 अरब डॉलर की मेट्रो टनल परियोजना की शुरुआत भारी अव्यवस्था के साथ हुई। तकनीकी खराबी के कारण मंगलवार शाम पीक ऑवर के दौरान हजारों यात्रियों को भीषण गर्मी में घंटों तक ट्रेनों में फंसे रहना पड़ा। कई यात्रियों को न तो पानी मिला और न ही चिकित्सीय सहायता।

घटना के अनुसार, नेटवर्क में एक “ढीले केबल” (sagging cable) की वजह से ट्रेन सेवाएं ठप हो गईं। दो नई ट्रेनों में सवार 600 से अधिक यात्री हॉक्सबर्न स्टेशन के पास लगभग दो घंटे तक बंद डिब्बों में फंसे रहे। कुछ यात्रियों को सीढ़ियों के ज़रिये ट्रेन से नीचे उतरने के लिए मजबूर होना पड़ा।

यह अव्यवस्था ठीक तीन दिन बाद सामने आई, जब विक्टोरिया की मुख्यमंत्री Jacinta Allan ने मेट्रो टनल को “तेज़ और अधिक भरोसेमंद” रेल सेवा का प्रतीक बताया था। यह बदलाव, जिसे सरकार ने “बिग स्विच” नाम दिया, सनबरी, क्रैनबोर्न और पेकनहम लाइनों को सिटी लूप से हटाकर नई टनल से जोड़ने के लिए किया गया था।

घटना के बाद विपक्ष ने सरकार पर तीखा हमला बोला। विपक्षी नेताओं ने इस हालात को “तीसरी दुनिया जैसे दृश्य” बताते हुए परियोजना की तैयारियों पर सवाल उठाए। इस बीच मुख्यमंत्री एलन और सार्वजनिक परिवहन मंत्री Gabrielle Williams ने यात्रियों से औपचारिक माफी मांगी।

मुख्यमंत्री एलन ने कहा,
“मैं उन सभी यात्रियों से क्षमा मांगती हूं जिन्हें कल रात नेटवर्क में आई खराबी के कारण कठिनाई का सामना करना पड़ा।”

तकनीकी खराबी के चलते मंगलवार शाम लगभग 5 बजे से मेट्रो टनल के ज़रिये ट्रेन सेवाएं निलंबित कर दी गईं, जो बुधवार सुबह पहली सेवाओं तक बंद रहीं। इस दौरान वैकल्पिक बस सेवाएं चलाई गईं।

सरकार ने प्रभावित यात्रियों को मुआवज़े के रूप में एक दिन की निःशुल्क यात्रा देने की घोषणा की है, जिसकी कीमत लगभग $11.40 है। हालांकि इसके लिए यात्रियों को सरकारी हेल्पलाइन पर कॉल कर दावा करना होगा, जिसे लेकर भी सोशल मीडिया पर नाराज़गी देखी जा रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि इस घटना ने न केवल सरकार की तैयारियों पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि इतनी महंगी और महत्वाकांक्षी परियोजना की विश्वसनीयता को भी झटका दिया है।