सिडनी, 20 जून:
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबट ने देश के इतिहास पर एक नई पुस्तक लिखी है, जो न केवल ऐतिहासिक तथ्यों को उजागर करती है, बल्कि देश के अतीत को एक सकारात्मक और संतुलित दृष्टिकोण से प्रस्तुत करने का प्रयास भी करती है। एबट का कहना है कि यह पुस्तक 'ब्लैक आर्मबैंड व्यू' – यानी केवल उपनिवेशवाद और अन्याय की कहानियों पर केंद्रित दृष्टिकोण – का संतुलन प्रस्तुत करती है और इस बात को भी स्वीकार करती है कि कई बार अच्छे इरादे भी गलत परिणाम दे सकते हैं।
टोनी एबट ने लंबे समय से यह इच्छा जताई थी कि वे ऑस्ट्रेलिया के इतिहास को गर्व और आत्मविश्वास से देखने वाली पीढ़ियों के लिए फिर से परिभाषित करें। उनकी इस नई कृति में प्रथम राष्ट्रों (First Nations) की पीड़ा और संघर्ष को भी नकारा नहीं गया है, लेकिन इसके साथ ही उन उपलब्धियों और मूल्यों को भी उजागर किया गया है जो आधुनिक ऑस्ट्रेलिया की नींव बने।
एबट का मानना है कि “ऑस्ट्रेलिया एक महान देश है और हमें अपने इतिहास के हर पहलू को ईमानदारी से स्वीकार करते हुए यह याद रखना चाहिए कि हमने कहां से शुरुआत की और आज कहां खड़े हैं। अच्छे इरादे हमेशा सही परिणाम नहीं देते, लेकिन उन इरादों को पूरी तरह खारिज करना भी सही नहीं है।”
इस पुस्तक के प्रकाशन के साथ ही यह बहस एक बार फिर तेज हो गई है कि क्या इतिहास को केवल आलोचना की दृष्टि से देखा जाना चाहिए या उसमें से प्रेरणा लेने की आवश्यकता है। आलोचकों का मानना है कि एबट की यह किताब कुछ ऐतिहासिक अन्यायों को हल्का करके प्रस्तुत करती है, जबकि समर्थकों का कहना है कि यह संतुलन की ओर एक जरूरी कदम है।
टोनी एबट की यह ऐतिहासिक कृति आने वाले समय में न केवल स्कूलों और विश्वविद्यालयों में चर्चा का विषय बनेगी, बल्कि राष्ट्रीय पहचान को लेकर चल रही बहस में भी एक महत्वपूर्ण योगदान देगी।