सिडनी। बॉन्डी में हुए आतंकी हमले के बाद न्यू साउथ वेल्स (NSW) सरकार ने नफरत फैलाने वाले नारों, झंडों और प्रतीकों के खिलाफ कड़े कानून लाने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री क्रिस मिंस ने कहा कि राज्य में सामाजिक सौहार्द और सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस को अतिरिक्त अधिकार दिए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि नए कानूनों के तहत “ग्लोबलाइज़ द इंतिफ़ादा” जैसे नारों को प्रतिबंधित किया जाएगा। उनका कहना है कि यह नारा नफरत को बढ़ावा देता है और समुदाय में हिंसा के लिए उकसाता है।
“इंतिफ़ादा” एक अरबी शब्द है, जिसका अर्थ ‘उभार’ या ‘विद्रोह’ होता है और इसका इस्तेमाल ऐतिहासिक रूप से फ़िलिस्तीनी आंदोलनों के संदर्भ में किया गया है। हालांकि, हाल के वर्षों में यह नारा दुनिया भर में हुए कुछ प्रदर्शनों में सुनाई दिया है, जिसे यहूदी समुदाय के कई संगठनों ने यहूदी-विरोधी और हिंसा को बढ़ावा देने वाला बताया है।
मुख्यमंत्री क्रिस मिंस ने कहा,
“हाल की भयावह घटनाओं ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ‘ग्लोबलाइज़ द इंतिफ़ादा’ जैसे नारे घृणा फैलाते हैं और हिंसा को प्रोत्साहित करते हैं। ऐसे नारों के लिए हमारी समाज में कोई जगह नहीं है।”
प्रस्तावित कानूनों के तहत दोषी पाए जाने वाले व्यक्तियों को अधिकतम दो वर्ष की जेल या 22,000 डॉलर तक का जुर्माना हो सकता है। वहीं, संगठनों पर 1,10,000 डॉलर तक का जुर्माना लगाया जा सकेगा।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक उद्देश्यों या जनहित में किए गए उपयोग को इन प्रतिबंधों से छूट दी जाएगी। संबंधित विधेयक को सोमवार को संसद में पेश किया जाएगा।
गौरतलब है कि बॉन्डी में हुए हमले में 15 लोगों की मौत हुई थी, जिसके बाद पूरे राज्य में सुरक्षा और सामुदायिक एकता को लेकर गंभीर चिंता जताई जा रही है। हमले के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने घटनास्थल पर फूल अर्पित कर पीड़ितों को श्रद्धांजलि दी।
सरकार का कहना है कि यह कदम किसी समुदाय को निशाना बनाने के लिए नहीं, बल्कि नफरत, उग्रवाद और हिंसा को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।