एनएसडब्ल्यू प्रीमियर ने बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही को लेकर कड़ा कदम उठाने का ऐलान किया

एनएसडब्ल्यू प्रीमियर ने बच्चों की सुरक्षा में लापरवाही को लेकर कड़ा कदम उठाने का ऐलान किया

सिडनी | 1 अगस्त, 2025 | हिंदी गौरव विशेष रिपोर्ट

न्यू साउथ वेल्स के प्रीमियर क्रिस मिन्स ने बच्चों की सुरक्षा से जुड़े कानून में एक बड़ी खामी को दूर करने का वादा किया है, जब एक बार फिर एक बाल यौन शोषण के मामले ने पूरे राज्य को झकझोर दिया है।

प्रेमियर मिन्स ने शुक्रवार को मीडिया से बातचीत में कहा कि बच्चों की देखरेख करने वाली सेवाओं – जैसे डेकेयर, प्रीस्कूल और आउट-ऑफ-स्कूल-ऑवर्स (OOSH) केयर – में निजी और गैर-लाभकारी संगठनों की अहम भूमिका है। लेकिन इन सेवाओं से संबंधित नियमों और सुरक्षा जांचों को और सख्त बनाने की जरूरत है।

“वन-स्ट्राइक पॉलिसी” लागू होगी

क्रिस मिन्स ने ऐलान किया कि सरकार अब एक ऐसा कानून लाएगी जिससे कोई व्यक्ति अगर एक बार वर्किंग-विथ-चिल्ड्रन चेक (WWCC) में फेल हो जाता है, तो उसे दोबारा यह अनुमति नहीं मिल सकेगी। उन्होंने इसे “वन-स्ट्राइक पॉलिसी” का नाम दिया।

“हमें बच्चों की सुरक्षा को लेकर जीरो टॉलरेंस अपनाना होगा। किसी को भी एक बार अस्वीकृत होने के बाद दोबारा वर्किंग-विथ-चिल्ड्रन चेक नहीं मिलनी चाहिए,” प्रीमियर ने कहा।

सरकार ने साथ ही कई प्रमुख OOSH केंद्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की पायलट योजना शुरू की है ताकि बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।


डेविड विलियम जेम्स: आरोपों की लंबी फेहरिस्त

26 वर्षीय डेविड विलियम जेम्स को बच्चों के यौन शोषण और बाल यौन शोषण सामग्री बनाने के 14 मामलों में आरोपित किया गया है। आरोप है कि वह 2018 से लेकर 2024 तक करीब 50 से अधिक OOSH और डेकेयर सेंटर्स में कार्यरत रहा और इसी दौरान उसने 10 बच्चों को निशाना बनाया, जिनमें सबसे बड़ा बच्चा केवल 6 साल का था।

पुलिस का दावा:

  • जेम्स ने बच्चों को बाथरूम में रिकॉर्ड किया

  • बच्चों के सामने अश्लील हरकतें कीं

  • चुपचाप अन्य संस्थानों में काम करता रहा, जब वह NSW पुलिस की ट्रेनिंग में था

NSW पुलिस ने पुष्टि की है कि जेम्स को दिसंबर 2021 में एक ट्रेनी कॉन्स्टेबल के तौर पर नियुक्त किया गया था लेकिन वह यह बात छुपाता रहा कि वह एक ही समय में चाइल्ड केयर सेंटर में भी काम कर रहा था। सितंबर 2022 में उसे बलपूर्वक सेवा से हटाया गया।


बचाव की बड़ी चूक: सिस्टम पर सवाल

हालिया खुलासे ने राज्य की वर्किंग-विथ-चिल्ड्रन चेक प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रीमियर ने माना कि यह एक "सिस्टम लेवल फेल्योर" है और अब बदलाव जरूरी है।

साथ ही, मेलबर्न के एक अन्य मामले में जोशुआ डेल ब्राउन नामक व्यक्ति पर भी 70 से अधिक यौन अपराधों के आरोप लगे हैं। उसके मामले में पीड़ितों की उम्र 5 महीने से 2 साल के बीच बताई गई है।


राष्ट्रीय स्तर पर कदम

कैनबरा में इस सप्ताह पास हुए एक नए बिल के तहत, अब संघीय सरकार उन चाइल्डकेयर सेंटरों की फंडिंग रोक सकेगी जो सुरक्षा और गुणवत्ता के राष्ट्रीय मानकों को पूरा नहीं करते।