न्यूज़ीलैंड पीएम का सख्त बयान: नियो-नाज़ी थॉमस सिवेल को बताया ‘घृणित इंसान’, ऑस्ट्रेलिया में निर्वासन की मांग तेज

मेलबर्न की घटना से दोनों देशों में खलबली, करीब एक लाख लोगों ने ऑनलाइन याचिका पर किए हस्ताक्षर

न्यूज़ीलैंड पीएम का सख्त बयान: नियो-नाज़ी थॉमस सिवेल को बताया ‘घृणित इंसान’, ऑस्ट्रेलिया में निर्वासन की मांग तेज

ऑकलैंड/मेलबर्न। ऑस्ट्रेलिया में चर्चित नियो-नाज़ी नेता थॉमस सिवेल (32) को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने सिवेल को “भयानक इंसान” बताते हुए कड़ा रुख अपनाया है। उधर, ऑस्ट्रेलिया में सिवेल की नागरिकता खत्म कर उसे न्यूज़ीलैंड भेजने की मांग तेज हो गई है।


घटना: आदिवासी स्मृति स्थल पर हमला

रविवार को मेलबर्न के किंग्स डोमेन क्षेत्र में मार्च फॉर ऑस्ट्रेलिया रैली के बाद सिवेल अपने समर्थकों के साथ कैंप सॉवरेन्टी पहुंचा। यह स्थल 38 आदिवासी कुलों के अवशेषों का दफन स्थल माना जाता है। आरोप है कि सिवेल और उसके साथियों ने यहां मौजूद लोगों पर हमला किया।

  • सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में हमलावरों को काले कपड़ों में देखा गया।

  • इस हमले के बाद समुदायों में भारी आक्रोश फैल गया।


दो दिन बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में हंगामा

हमले के दो दिन बाद मंगलवार को सिवेल विक्टोरिया की मुख्यमंत्री जैसिंटा एलन की प्रेस कॉन्फ्रेंस में घुस गया और वहां भी हंगामा किया।

  • सुरक्षाकर्मियों को तुरंत दखल देना पड़ा।

  • इस घटना ने सिवेल की उग्र छवि को और मजबूत कर दिया।


प्रधानमंत्री लक्सन का बयान

न्यूज़ीलैंड के प्रधानमंत्री क्रिस्टोफर लक्सन ने गुरुवार को पत्रकारों से कहा –

“वह बेहद खराब इंसान है। चूंकि वह ऑस्ट्रेलियाई नागरिक है, इसलिए यह मामला ऑस्ट्रेलिया में ही तय होना चाहिए।”

उनके बयान से साफ है कि न्यूज़ीलैंड सरकार सिवेल के समर्थन में खड़ी नहीं है और मामले को ऑस्ट्रेलिया की न्यायिक प्रक्रिया पर छोड़ना चाहती है।


ऑस्ट्रेलियाई गृह मंत्री का हमला

ऑस्ट्रेलिया के गृह मंत्री टोनी बर्क ने भी सिवेल की आलोचना की। उन्होंने कहा –

“सिवेल को आधुनिक ऑस्ट्रेलिया से नफरत है। मुझे हैरानी नहीं होगी अगर वह खुद ही यहां की नागरिकता छोड़ दे।”


कानूनी कार्रवाई

सिवेल को गिरफ्तार कर कई गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है, जिनमें शामिल हैं:

  • हिंसक उपद्रव (Violent Disorder)

  • सार्वजनिक उपद्रव (Affray)

  • लात मारकर हमला (Assault by Kicking)

  • मिसाइल फेंकने का अपराध (Discharge Missile)

वह फिलहाल हिरासत में है और शुक्रवार को उसकी जमानत पर सुनवाई होनी है।


जनता का गुस्सा और ऑनलाइन याचिका

सिवेल की हरकतों से आम जनता में नाराज़गी बढ़ गई है।

  • चेंज.ऑर्ग पर एक याचिका दायर की गई है, जिस पर अब तक लगभग एक लाख लोगों ने हस्ताक्षर कर दिए हैं।

  • याचिका में मांग की गई है कि सिवेल की नागरिकता रद्द कर उसे न्यूज़ीलैंड भेजा जाए।

  • आयोजकों ने कहा –

    “हम पीछे हटने वाले नहीं हैं। हमें ऐसा कानून चाहिए जो समुदायों की सुरक्षा करे, न कि चरमपंथियों की।”


भविष्य की राह

पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और क्राइम स्टॉपर्स के माध्यम से लोगों से वीडियो और सबूत देने की अपील की है।
विशेषज्ञ मानते हैं कि यह मामला ऑस्ट्रेलिया-न्यूज़ीलैंड रिश्तों और नागरिकता कानूनों में बदलाव की बहस को और तेज करेगा।