यूरोप यात्रा करने वाले ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों को अब सीमा पर पहले से अधिक लंबा इंतज़ार करना पड़ सकता है। इसका कारण है एक नया डिजिटल बॉर्डर मैनेजमेंट सिस्टम, जो इस साल 12 अक्टूबर से लागू होगा।
अब ग़ैर-ईयू देशों (Non-EU) के यात्री जो यूरोप के 29 देशों वाले शेंगेन ज़ोन में प्रवेश करेंगे, उन्हें एक डिजिटल पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन) कराना होगा। इस प्रक्रिया के तहत आपका चेहरा और उंगलियों के निशान जैसे बायोमैट्रिक डेटा लिया जाएगा और एक इलेक्ट्रॉनिक एंट्री/एग्ज़िट रिकॉर्ड बनाया जाएगा।
शेंगेन ज़ोन ऐसे 29 देशों का समूह है, जहां आप एक बार प्रवेश करने के बाद सदस्य देशों के बीच बिना अतिरिक्त वीज़ा और बिना नियमित बॉर्डर चेक के यात्रा कर सकते हैं।
इनमें से अधिकांश देश यूरोपीय संघ (EU) के सदस्य हैं, लेकिन आइसलैंड, लिकटेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्ज़रलैंड जैसे कुछ गैर-ईयू देश भी इसमें शामिल हैं।
सीमा जांच के समय में वृद्धि हो सकती है।
पहली बार प्रवेश के समय पंजीकरण में अतिरिक्त समय लगेगा।
एक बार रजिस्टर होने के बाद दोबारा यात्रा आसान होगी, क्योंकि सिस्टम में आपका डेटा पहले से मौजूद रहेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह व्यवस्था सुरक्षा और प्रवासन नियंत्रण को मज़बूत करेगी, लेकिन शुरुआती दौर में यात्रियों को देरी का सामना करना पड़ सकता है।