मेलबर्न:
विक्टोरिया सरकार द्वारा शुरू किया गया एक नया सड़क सुरक्षा कैमरा ट्रायल इस समय विवादों की ज़द में है। सरकार ने राज्य के विभिन्न उपनगरों में "मोबाइल रोड सेफ्टी ट्रेलर कैमरा" नामक नई तकनीक का परीक्षण शुरू किया है, लेकिन इस परीक्षण से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी को सार्वजनिक न करने पर अब आलोचना शुरू हो गई है।
विक्टोरिया के न्याय और सामुदायिक सुरक्षा विभाग ने पुष्टि की है कि यह नया ट्रायल सात अलग-अलग स्थानों पर चलाया जा रहा है। हालांकि, विभाग ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि इन कैमरों की तकनीक क्या है, वे किन ट्रैफिक उल्लंघनों पर निगरानी कर रहे हैं, या इनका उद्देश्य क्या है।
सरकार का कहना है कि यह ट्रायल केवल तकनीकी परीक्षण के लिए है और अभी कोई चालान (फाइन) जारी नहीं किया जा रहा है। साथ ही यह भी बताया गया है कि यह तकनीक कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) पर आधारित नहीं है।
विक्टोरिया के जाने-माने ट्रैफिक वकील हायदर शक़रा ने सरकार की ओर से दी गई जानकारी को अधूरी और भ्रमित करने वाली बताया है।
“यह बहुत ही अस्पष्ट और चिंताजनक स्थिति है,” उन्होंने कहा।
“हम नहीं जानते कि कौन से कैमरे इस्तेमाल किए जा रहे हैं, वे क्या रिकॉर्ड कर रहे हैं, और किन उल्लंघनों पर नज़र रखी जा रही है। यह पारदर्शिता और सार्वजनिक भरोसे के लिए खतरा है।”
सरकार की ओर से एक प्रवक्ता ने कहा:
“विक्टोरिया की सड़क सुरक्षा कैमरा योजना का उद्देश्य ड्राइवरों के व्यवहार में सुधार लाना, गंभीर चोटों को रोकना और जिंदगियां बचाना है। इसलिए हम लगातार नई तकनीकों और स्थानों का परीक्षण कर रहे हैं।”
प्रवक्ता ने यह भी बताया कि रोड सेफ्टी कैमरों से आने वाला सारा पैसा Better Roads Victoria Trust में जाता है, जिसका उपयोग सड़कों की मरम्मत, सतह बदलने, पुल मज़बूत करने और अन्य सुरक्षा कार्यों के लिए किया जाता है।
इससे पहले भी मेलबर्न में एक ‘फ्यूचरिस्टिक’ दिखने वाला कैमरा ट्रेलर दिखाई देने पर लोगों में भ्रम फैला था। बाद में पता चला कि यह एक निजी कंपनी Vitrionic द्वारा बनाया गया Enforcement Trailer था, जिसे खासकर दुर्घटनाग्रस्त और दूरदराज़ इलाकों में निगरानी के लिए डिज़ाइन किया गया है।
जहां सरकार सड़क सुरक्षा को बेहतर बनाने की दिशा में काम कर रही है, वहीं विशेषज्ञों और आम नागरिकों का मानना है कि जनता से जुड़ी किसी भी निगरानी प्रणाली में पारदर्शिता जरूरी है। तकनीकी परीक्षण की आड़ में अगर निगरानी बढ़ेगी और जानकारी नहीं दी जाएगी, तो यह निजता और अधिकारों पर सीधा असर डाल सकती है।