पटना। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में जनता से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। सितंबर माह की पहली कैबिनेट बैठक में कुल 49 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इन प्रस्तावों में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और प्रशासनिक सुधार से संबंधित निर्णय प्रमुख रहे।
सरकार ने युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के लिए अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के अंतर्गत 40 नए आवासीय विद्यालयों की स्थापना के प्रस्ताव को स्वीकृति दी। इन विद्यालयों में +2 स्तर तक की पढ़ाई होगी और इसके लिए 1,800 नए शैक्षणिक एवं गैर-शैक्षणिक पदों का सृजन किया जाएगा। इसके अलावा कला, संस्कृति एवं युवा विभाग में 25 नए पदों के गठन की भी मंजूरी मिली। इससे शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों को मजबूती मिलेगी।
राज्य सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ बनाने के लिए सात नए मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया है। इसके बाद प्रदेश में मेडिकल शिक्षा का विस्तार होगा और ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकेंगी। साथ ही, मेडिकल कॉलेजों में इंटर्नशिप करने वाले छात्रों का मानदेय बढ़ाने का भी फैसला लिया गया, जिससे चिकित्सा शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को प्रोत्साहन मिलेगा।
कैबिनेट ने ग्राम कचहरी सचिवों के मानदेय में वृद्धि करने का निर्णय लिया। यह कदम ग्रामीण न्याय प्रणाली को मजबूत बनाने और सचिवों को आर्थिक सहयोग देने की दिशा में महत्वपूर्ण है। इसके साथ ही, गृह रक्षा वाहिनी के गृह रक्षकों का भत्ता बढ़ाने का भी प्रस्ताव पास किया गया। इससे बड़ी संख्या में तैनात गृह रक्षकों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बैठक में कई अन्य विभागीय और प्रशासनिक प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। इनसे सरकारी योजनाओं को गति मिलेगी और विभिन्न विभागों में कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
सीएम नीतीश कुमार ने चुनाव के समय सरकारी नौकरियां देने का वादा किया था। मंगलवार को कैबिनेट के फैसले इस दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और प्रशासनिक क्षेत्रों में लिए गए निर्णय यह संकेत देते हैं कि राज्य सरकार विकास और रोजगार सृजन को लेकर गंभीर है।