ऑस्ट्रेलिया पर अमेरिका का दबाव: एशिया-प्रशांत देशों को भी रक्षा बजट बढ़ाने की सलाह

प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने कहा – "हमने रक्षा खर्च बढ़ाया है", अमेरिका ने सहयोगी देशों से की और अधिक योगदान की मांग; वोंग करेंगी रूबियो से मुलाकात

ऑस्ट्रेलिया पर अमेरिका का दबाव: एशिया-प्रशांत देशों को भी रक्षा बजट बढ़ाने की सलाह

कैनबरा, 27 जून 2025:
प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने गुरुवार को कहा कि ऑस्ट्रेलिया ने अपने रक्षा खर्च में "वास्तव में इजाफा" किया है, ऐसे समय में जब अमेरिका अपने एशिया-प्रशांत सहयोगियों से उम्मीद कर रहा है कि वे भी नाटो देशों की तरह अपने रक्षा बजट में वृद्धि करें।

व्हाइट हाउस ने हाल ही में फिर दोहराया है कि भारत-प्रशांत क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए अमेरिका अकेला नहीं रह सकता, और क्षेत्रीय सहयोगियों को भी सामूहिक रक्षा में अपना पर्याप्त हिस्सा देना होगा।

प्रधानमंत्री अल्बनीज़ ने कहा, "हमने रक्षा क्षेत्र में निवेश में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है। हमने AUKUS के तहत भविष्य के पनडुब्बी कार्यक्रम और अन्य उच्च-प्रौद्योगिकी रक्षा प्रणालियों में अरबों डॉलर की योजना बनाई है।"

उधर, विदेश मंत्री पेनी वोंग अगले सप्ताह अमेरिकी सीनेटर मार्को रूबियो से मुलाकात करेंगी। यह बैठक दोनों देशों के रक्षा सहयोग, चीन के बढ़ते प्रभाव और क्षेत्रीय रणनीतिक प्राथमिकताओं पर केंद्रित होगी।

नाटो देशों ने पहले ही 2% GDP रक्षा खर्च के लक्ष्य को अपनाया है और अब अमेरिका चाहता है कि एशिया-प्रशांत के सहयोगी भी समान मानक अपनाएं। ऑस्ट्रेलिया की वर्तमान रक्षा रणनीति को लेकर सरकार पर विपक्षी दलों और विशेषज्ञों की ओर से भी सवाल उठते रहे हैं, लेकिन अल्बनीज़ सरकार का कहना है कि वे वैश्विक परिस्थितियों के अनुरूप आवश्यक कदम उठा रहे हैं।

अब देखना यह होगा कि अमेरिकी दबाव के बीच ऑस्ट्रेलिया अपनी रक्षा नीति में और कितना बदलाव करता है, और क्या वह क्षेत्रीय साझेदारियों को मज़बूत करने की दिशा में और ठोस कदम उठाता है।