संसद के मानसून सत्र के दौरान मंगलवार को लोकसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की ऐतिहासिक नीतिगत गलतियों पर जमकर हमला बोला। अपने विस्तृत भाषण में उन्होंने अक्साई चिन, सिंधु जल संधि, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और करतारपुर कॉरिडोर जैसे संवेदनशील मुद्दों का उल्लेख करते हुए कांग्रेस की विफलताओं को उजागर किया।
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि कांग्रेस की कमजोर नीति और निर्णयों ने देश को दशकों तक नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, "अक्साई चिन को चीन के हवाले करना एक ऐतिहासिक भूल थी। नेहरू जी ने कहा था – ‘न वह जमीन घास उगाती है, न वहां कोई जाता है।’ लेकिन उसी क्षेत्र ने बाद में राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा पैदा किया।"
सिंधु जल संधि पर सवाल
प्रधानमंत्री ने 1960 की सिंधु जल संधि का जिक्र करते हुए कहा कि पाकिस्तान को भारत की नदियों के पानी पर विशेषाधिकार देना समझ से परे था। उन्होंने कहा, "हमने पानी दिया और बदले में हमें आतंकवाद मिला। यह एकतरफा सौदा रहा।"
PoK और करतारपुर का मुद्दा भी उठा
PM मोदी ने पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) पर भी कांग्रेस की भूमिका पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि 1947-48 में अगर सेना को खुली छूट दी जाती, तो आज PoK भारत का अभिन्न हिस्सा होता।
करतारपुर साहिब कॉरिडोर को लेकर भी प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को घेरा। उन्होंने कहा, "गुरु नानक देव जी का पवित्र स्थल सिर्फ कुछ किलोमीटर दूर था, लेकिन 70 सालों तक भारतीय श्रद्धालुओं को वहां जाने की अनुमति नहीं थी। कांग्रेस ने कभी इस दिशा में ठोस प्रयास नहीं किया।"
नया भारत, नई नीति
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में यह भी स्पष्ट किया कि नई सरकार पुरानी भूलों को दोहराने नहीं देगी। उन्होंने कहा कि अब भारत दृढ़ नीति और राष्ट्रहित को प्राथमिकता देने वाली सरकार के नेतृत्व में है।