प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान: "दुनिया के किसी भी नेता ने ऑपरेशन सिंदूर को रोकने को नहीं कहा"

प्रधानमंत्री मोदी का बड़ा बयान: "दुनिया के किसी भी नेता ने ऑपरेशन सिंदूर को रोकने को नहीं कहा"

नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र में आज उस वक्त माहौल गरमा गया जब ऑपरेशन सिंदूर को लेकर कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने केंद्र सरकार से तीखे सवाल किए। जवाब में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न सिर्फ सेना के साहस की सराहना की, बल्कि यह भी साफ किया कि दुनिया के किसी भी देश ने इस सैन्य अभियान को रोकने की मांग नहीं की है।

प्रधानमंत्री ने कहा, "भारत की सेना ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत जो साहसी कदम उठाया, वह पूरी तरह योजनाबद्ध और निर्णायक था। देश की सुरक्षा के लिए जो भी ज़रूरी कदम उठाने होंगे, हम पीछे नहीं हटेंगे।" उन्होंने आगे जोड़ा कि भारत आज दुनिया में एक मज़बूत राष्ट्र के रूप में देखा जा रहा है और कोई भी देश अब भारत को आंख दिखाने की हिम्मत नहीं करता।

राहुल गांधी ने सवाल उठाया था कि क्या इस अभियान से पहले अंतरराष्ट्रीय स्तर पर समन्वय किया गया था, और क्या सरकार को किसी देश से दबाव का सामना करना पड़ा? इसके जवाब में पीएम मोदी ने दो टूक कहा कि "भारत अब फैसले लेने से पहले दुनिया की स्वीकृति का मोहताज नहीं है।" उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर में भारत ने आतंक के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की है और इसमें सेना ने अभूतपूर्व पराक्रम दिखाया।

क्या है ऑपरेशन सिंदूर?
ऑपरेशन सिंदूर हाल ही में भारतीय सेना द्वारा सीमा पार आतंकवादी ठिकानों को निशाना बनाकर किया गया एक रणनीतिक सैन्य अभियान है। इसका मकसद पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को खत्म करना और भारत में संभावित हमलों को रोकना था। यह ऑपरेशन सीज़फायर उल्लंघनों और आतंकवाद की बढ़ती घटनाओं के जवाब में किया गया।

सरकार के रुख से क्या संकेत मिलते हैं?
प्रधानमंत्री के आज के बयान से साफ है कि भारत अब अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा। मोदी सरकार का रुख स्पष्ट है कि जब बात राष्ट्रीय सुरक्षा की हो, तो राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर एकजुटता ज़रूरी है।