नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को राजस्थान और गुजरात के अहम दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वे 16,680 करोड़ रुपये से अधिक की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण करेंगे। इन परियोजनाओं का फोकस महिलाओं के स्वास्थ्य, युवाओं के रोजगार और देश की तकनीकी आत्मनिर्भरता को मजबूती देने पर रहेगा।
राजस्थान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए देशव्यापी एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण अभियान की शुरुआत करेंगे। यह अभियान किशोरियों और महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से बचाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
सरकार का उद्देश्य है कि स्कूलों और स्वास्थ्य केंद्रों के माध्यम से अधिक से अधिक बालिकाओं तक यह टीका पहुंचाया जाए, ताकि भविष्य में सर्वाइकल कैंसर के मामलों में कमी लाई जा सके।
दौरे के दौरान प्रधानमंत्री सड़क, रेल, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी कई आधारभूत संरचना परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे। इन योजनाओं से क्षेत्रीय कनेक्टिविटी बेहतर होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है। राज्य सरकारों के साथ समन्वय में इन परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने पर जोर दिया गया है।
राजस्थान के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री गुजरात के साणंद पहुंचेंगे, जहां वे 22,500 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित देश की पहली बड़ी सेमीकंडक्टर असेंबली और टेस्टिंग फैसिलिटी का उद्घाटन करेंगे। यह संयंत्र भारत को इलेक्ट्रॉनिक्स और चिप निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस परियोजना से न केवल गुजरात, बल्कि पूरे देश में उच्च तकनीक आधारित उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा। इससे हजारों प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित होने की संभावना है। साथ ही, भारत वैश्विक सेमीकंडक्टर आपूर्ति श्रृंखला में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज करा सकेगा।
प्रधानमंत्री का यह दौरा स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचे और हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सरकार की प्राथमिकताओं को दर्शाता है। एचपीवी टीकाकरण अभियान जहां महिलाओं के स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत करेगा, वहीं सेमीकंडक्टर प्लांट भारत को तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों पर ले जाने का मार्ग प्रशस्त करेगा।
सरकारी सूत्रों के अनुसार, इन परियोजनाओं के माध्यम से केंद्र सरकार का लक्ष्य विकास को जन-जन तक पहुंचाना और भारत को वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी बनाना है।