पोर्ट आर्थर त्रासदी के पीड़ित पिता की चेतावनी: 'डरावने' गन कानून में बदलाव को रोका जाए

पोर्ट आर्थर त्रासदी के पीड़ित पिता की चेतावनी: 'डरावने' गन कानून में बदलाव को रोका जाए

सिडनी – ऑस्ट्रेलिया की ऐतिहासिक पोर्ट आर्थर गोलीकांड में अपने परिवार को खो चुके एक पीड़ित पिता ने न्यू साउथ वेल्स के मुख्यमंत्री क्रिस मिन्स से अपील की है कि वे प्रस्तावित गन कानूनों में बदलाव को रोकें। उनका कहना है कि इन संशोधनों से देश में फिर से बड़े पैमाने पर गोलीबारी जैसी त्रासदियाँ होने का खतरा बढ़ सकता है।

जॉन हावर्ड सरकार के समय 1996 की पोर्ट आर्थर त्रासदी के बाद लागू किए गए सख्त गन कानूनों के लिए सक्रिय रूप से अभियान चलाने वाले इस व्यक्ति ने कहा कि जो बदलाव प्रस्तावित हैं, वे ऑस्ट्रेलिया की दशकों की मेहनत को खत्म कर सकते हैं।

उन्होंने कहा, "जो बदलाव लाए जा रहे हैं, वे न केवल कानून को कमजोर करेंगे, बल्कि यह अगली सामूहिक गोलीबारी की नींव डालने जैसा है। मुझे डर है कि हम अपने ही इतिहास से कुछ नहीं सीख रहे।"

न्यू साउथ वेल्स में प्रस्तावित गन कानून संशोधन के तहत कुछ मामलों में बंदूक लाइसेंस की शर्तें आसान की जा सकती हैं और कुछ रजिस्ट्रेशन प्रक्रियाएं सरल हो सकती हैं। आलोचकों का मानना है कि इससे हथियारों की निगरानी कमजोर होगी।

मुख्यमंत्री क्रिस मिन्स ने फिलहाल इस मुद्दे पर सीधा जवाब नहीं दिया है, लेकिन उनके कार्यालय से यह बयान आया कि सरकार सामुदायिक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और सभी सुझावों को गंभीरता से सुना जाएगा।

ऑस्ट्रेलिया में पोर्ट आर्थर गोलीबारी के बाद से गन कंट्रोल एक संवेदनशील विषय रहा है। उस घटना में 35 लोगों की जान गई थी और उसके बाद पूरे देश ने एकजुट होकर हथियार नियंत्रण के सख्त कानूनों को अपनाया था।

पीड़ित पिता की यह अपील न केवल एक व्यक्तिगत दर्द की अभिव्यक्ति है, बल्कि यह समस्त ऑस्ट्रेलियाई समाज के लिए चेतावनी भी है कि सुरक्षा से समझौता करना भविष्य में बड़ी कीमत चुका सकता है।