लंदन। अमेरिकी दोषी यौन अपराधी जेफरी एपस्टीन से जुड़े मामलों ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल पैदा कर दी है। ब्रिटेन में इस प्रकरण को लेकर बड़ी कार्रवाई की खबर सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, किंग चार्ल्स तृतीय के छोटे भाई प्रिंस एंड्रयू (एंड्रयू माउंटबेटन-विंडसर) को सार्वजनिक पद पर कदाचार के संदेह में गिरफ्तार किया गया है। हालांकि पुलिस ने आधिकारिक बयान में नाम का खुलासा नहीं किया है।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, पूर्वी इंग्लैंड के सैंड्रिंघम एस्टेट स्थित वुड फार्म में कई बिना नंबर वाली पुलिस गाड़ियां और सादे कपड़ों में अधिकारी पहुंचे। थेम्स वैली पुलिस ने इस महीने की शुरुआत में संकेत दिया था कि वे उन आरोपों की समीक्षा कर रहे हैं, जिनमें दावा किया गया है कि शाही परिवार से जुड़े एक वरिष्ठ सदस्य ने एपस्टीन को कथित रूप से गोपनीय सरकारी दस्तावेज उपलब्ध कराए थे। ये दावे हाल में अमेरिकी सरकार द्वारा जारी कुछ दस्तावेजों के बाद सामने आए।
पुलिस के बयान में कहा गया है कि “60 वर्ष से अधिक आयु के एक व्यक्ति” को सार्वजनिक पद पर दुराचार के संदेह में हिरासत में लिया गया है। बर्कशायर और नॉरफॉक स्थित पतों पर तलाशी अभियान चलाया गया। सहायक मुख्य कांस्टेबल ओलिवर राइट ने कहा कि विस्तृत मूल्यांकन के बाद जांच औपचारिक रूप से शुरू की गई है और इसकी निष्पक्षता सुनिश्चित की जाएगी।
दिवंगत महारानी एलिजाबेथ द्वितीय के दूसरे पुत्र प्रिंस एंड्रयू पहले भी जेफरी एपस्टीन से संबंधों को लेकर विवादों में रहे हैं। उन्होंने हमेशा किसी भी गैरकानूनी गतिविधि में संलिप्तता से इनकार किया है, हालांकि एपस्टीन से अपनी मित्रता पर सार्वजनिक रूप से पछतावा जताया था। हालिया घटनाक्रम पर उनकी ओर से अब तक कोई ताजा टिप्पणी नहीं आई है।
जेफरी एपस्टीन पर नाबालिग लड़कियों के यौन शोषण और मानव तस्करी के गंभीर आरोप लगे थे। 2019 में उनकी गिरफ्तारी और बाद में हिरासत में मृत्यु के बाद यह मामला वैश्विक सुर्खियों में आया। एपस्टीन के साथ प्रिंस एंड्रयू की तस्वीरें और सामाजिक संबंध चर्चा का विषय बने।
सबसे बड़ा विवाद तब खड़ा हुआ जब वर्जिनिया गिफ्रे ने आरोप लगाया कि उन्हें किशोरावस्था में एपस्टीन के नेटवर्क के जरिए प्रिंस एंड्रयू के साथ यौन संबंध बनाने के लिए मजबूर किया गया। प्रिंस एंड्रयू ने इन आरोपों को खारिज किया था। 2019 में दिए गए उनके एक टेलीविजन साक्षात्कार की व्यापक आलोचना हुई थी।
जनवरी 2022 में महारानी एलिजाबेथ द्वितीय ने उनसे सैन्य उपाधियां और शाही संरक्षण वापस ले लिए थे। बाद में गिफ्रे द्वारा दायर नागरिक मुकदमा अदालत के बाहर निपटा लिया गया। हालांकि प्रिंस एंड्रयू ने किसी भी आपराधिक जिम्मेदारी को स्वीकार नहीं किया।
एपस्टीन प्रकरण ने ब्रिटिश राजशाही की पारदर्शिता और जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। यदि जांच आगे बढ़ती है और आरोप सिद्ध होते हैं, तो इसका प्रभाव शाही परिवार की छवि पर व्यापक पड़ सकता है। फिलहाल पुलिस ने कहा है कि जांच जारी है और उचित समय पर विस्तृत जानकारी साझा की जाएगी।
(यह समाचार उपलब्ध मीडिया रिपोर्टों और आधिकारिक बयानों के आधार पर तैयार किया गया है।)