सिडनी/ब्रिस्बेन।
वेनेजुएला पर अमेरिका द्वारा की गई सैन्य कार्रवाई के विरोध में रविवार को ऑस्ट्रेलिया के कई शहरों में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुए। सिडनी और ब्रिस्बेन में सैकड़ों प्रदर्शनकारियों ने पुलिस की चेतावनियों की अनदेखी करते हुए रैलियां निकालीं, जिससे कई स्थानों पर तनावपूर्ण हालात बन गए।
अमेरिका ने रविवार को पुष्टि की कि उसने वेनेजुएला की राजधानी कराकास में “बड़े पैमाने पर सैन्य हमला” किया है, जिसके दौरान राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को हिरासत में लिया गया। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मादुरो पर अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क का नेतृत्व करने का आरोप लगाया है।
अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि वह वेनेजुएला में “सुरक्षित और व्यवस्थित सत्ता परिवर्तन” सुनिश्चित करने तक देश का संचालन करेगा। साथ ही, वेनेजुएला के विशाल तेल भंडारों को लेकर भी अमेरिका के इरादों पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सवाल उठने लगे हैं।
इस कार्रवाई के विरोध में ऑस्ट्रेलिया भर में “आपातकालीन विरोध प्रदर्शन” आयोजित किए गए, जिनकी अपील सोशल मीडिया के माध्यम से की गई थी।
सिडनी में प्रदर्शनकारी टाउन हॉल के बाहर एकत्र हुए, जबकि पुलिस ने पहले ही चेतावनी जारी कर दी थी कि यह सभा अधिकृत नहीं है। यह चेतावनी हाल ही में संसद द्वारा पारित नए कानूनों के तहत दी गई थी, जो बॉन्डी बीच में हुए आतंकी हमले के बाद लागू किए गए हैं।
प्रदर्शन के दौरान “साम्राज्यवाद मुर्दाबाद” और “लैटिन अमेरिका से अमेरिका बाहर निकलो” जैसे नारे लिखी तख्तियां देखी गईं। कुछ प्रदर्शनकारियों ने अमेरिकी झंडे से मिलती-जुलती तख्तियां भी उठाईं, जिन पर लाल धारियां और खोपड़ी का चिन्ह बना हुआ था।
स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। न्यू साउथ वेल्स पुलिस की दंगा नियंत्रण इकाई ने कार्रवाई करते हुए कम से कम एक व्यक्ति को हिरासत में लिया।
ब्रिस्बेन में भी इसी तरह के विरोध प्रदर्शन हुए, जहां अमेरिका समर्थक और विरोधी समूह आमने-सामने आ गए। हालांकि, वहां किसी बड़े टकराव की सूचना नहीं है।
ऑस्ट्रेलियाई प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और कानून का पालन करने की अपील की है।