सिडनी:
ऑस्ट्रेलिया की रिज़र्व बैंक (RBA) की गवर्नर मिशेल बुलॉक ने चेतावनी दी है कि अगली तिमाही की महंगाई (मुद्रास्फीति) के आंकड़े उम्मीद से कम नहीं भी आ सकते हैं। इससे अगस्त महीने में संभावित ब्याज दर में कटौती पर संशय बन गया है।
हाल ही में जब आरबीए ने ब्याज दरों को स्थिर बनाए रखा, तब विशेषज्ञों को आश्चर्य हुआ था। हालांकि, बेरोज़गारी में थोड़ी बढ़त से अगस्त में दरों में कटौती की उम्मीदें जगी थीं।
लेकिन बुलॉक ने कहा कि जो महत्वपूर्ण आर्थिक डेटा अगले हफ्ते आएगा, वही इस पर अंतिम निर्णय का आधार बनेगा। उन्होंने कहा:
“हमें उम्मीद है कि ट्रिम्ड मीन मुद्रास्फीति (Trimmed Mean Inflation) सालाना आधार पर थोड़ा और घटेगी, लेकिन हालिया मासिक CPI आंकड़े यह संकेत दे रहे हैं कि गिरावट उतनी नहीं हो सकती जितनी मई में अनुमानित की गई थी।”
उन्होंने भरोसा जताया कि महंगाई धीरे-धीरे 2.5% के लक्ष्य की ओर बढ़ेगी, लेकिन इसके लिए सटीक आंकड़ों का आना जरूरी है।
महंगाई से जूझते ऑस्ट्रेलियाई
बीते तीन सालों से ऑस्ट्रेलियाई परिवार उच्च ब्याज दरों और जीवन-यापन की बढ़ती लागत से संघर्ष कर रहे हैं। ऐसे में यह खबर कई परिवारों के लिए राहत नहीं बल्कि चिंता का कारण बन सकती है।
हालांकि, बुलॉक ने कहा कि राहत के संकेत मिल रहे हैं:
“हमें यह देखकर खुशी है कि जैसे-जैसे महंगाई धीमी हुई है, श्रम बाज़ार (Labour Market) में गिरावट बहुत धीरे-धीरे आई है और बेरोज़गारी दर अब भी कम बनी हुई है।”
उन्होंने यह भी जोड़ा कि:
“महंगाई को स्थिर और कम बनाए रखना न केवल परिवारों के लिए, बल्कि नौकरियों, समुदायों और पूरी अर्थव्यवस्था के लिए भी अच्छा है।”