बाली में रेबीज संक्रमण में भारी बढ़ोतरी, ऑस्ट्रेलियाई यात्रियों को दी गई टीकाकरण की चेतावनी

बाली में रेबीज संक्रमण में भारी बढ़ोतरी, ऑस्ट्रेलियाई यात्रियों को दी गई टीकाकरण की चेतावनी

बाली घूमने जाने वाले ऑस्ट्रेलियाई और अन्य अंतरराष्ट्रीय पर्यटकों के लिए एक बड़ी चेतावनी जारी की गई है। बाली में रेबीज (Rabies) संक्रमण के मामलों में अचानक तेजी से वृद्धि देखी गई है, जिसके चलते वहां के कई प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों को ‘रेड ज़ोन’ घोषित कर दिया गया है।

रेड ज़ोन में शामिल इलाके:
दक्षिण कूटा, नुसा-दुआ, तंजुंग बेनोआ, जिम्बारन और चंगू जैसे लोकप्रिय पर्यटन क्षेत्रों में रेबीज संक्रमित जानवरों की पुष्टि की गई है।

बाली के पशु स्वास्थ्य विभाग के कार्यवाहक प्रमुख अनक अगुंग इस्त्री ब्रह्मी विटारी ने बताया कि इन मामलों के पीछे केवल पांच आवारा कुत्ते जिम्मेदार पाए गए हैं। उन्होंने कहा, “दक्षिण कूटा क्षेत्र में झाड़ियों की अधिकता है, जो जंगली कुत्तों के लिए आश्रय स्थल बन गई हैं और यहीं से संक्रमण फैल रहा है।”

रेबीज के कारण और सावधानियां:
रेबीज एक घातक वायरस जनित बीमारी है जो संक्रमित कुत्तों, बिल्लियों, बंदरों और अन्य स्तनधारियों के काटने या खरोंच से फैलती है। Smart Traveller नामक वेबसाइट ने चेतावनी दी है कि पूरे इंडोनेशिया में इस समय रेबीज संक्रमण का खतरा बना हुआ है और यह बीमारी 100% घातक है यदि समय पर उपचार न मिले।

ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों और अन्य पर्यटकों को सलाह:

  • बाली यात्रा से पहले रेबीज का टीका जरूर लगवाएं।

  • आवारा कुत्तों, बिल्लियों और बंदरों के संपर्क से बचें।

  • जानवरों को खाना न खिलाएं और छूने की कोशिश न करें।

  • किसी भी जानवर के काटने या खरोंचने की स्थिति में तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर संपर्क करें।

बाली राज्य पॉलिटेक्निक कैंपस और जालन प्रतमा क्षेत्र में हाल ही में आवारा कुत्तों का टीकाकरण किया गया है, लेकिन स्थानीय प्रशासन अभी भी लोगों को सतर्क रहने की सलाह दे रहा है।

बाली एक लोकप्रिय पर्यटन स्थल है, ऐसे में इस प्रकार का संक्रमण न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि पर्यटन उद्योग पर भी असर डाल सकता है।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों की अपील है कि बाली यात्रा से पहले रेबीज से सुरक्षा के सभी उपाय जरूर करें।