पररामट्टा में स्थित ऐतिहासिक रिवरसाइड थिएटर के पुनर्विकास को लेकर उठे वित्तीय संकट के बीच एक महत्वपूर्ण प्रगति दर्ज की गई है। लंबे समय से अटकी इस बहुप्रतीक्षित परियोजना के लिए अब एक ठेकेदार को अंतिम रूप से नियुक्त कर लिया गया है, जिससे निर्माण कार्य दोबारा शुरू होने की उम्मीद जगी है।
हालाँकि, परियोजना की लागत में हुए भारी बजट बढ़ोतरी ने स्थानीय प्रशासन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। अनुमान से कहीं अधिक खर्च सामने आने के बाद पररामट्टा के मेयर ने केंद्र (संघीय) सरकार से आर्थिक सहायता की जोरदार अपील की है। मेयर का कहना है कि यदि संघीय स्तर पर सहयोग नहीं मिला, तो यह सांस्कृतिक परियोजना गंभीर खतरे में पड़ सकती है।
मेयर ने स्पष्ट किया कि रिवरसाइड थिएटर केवल एक भवन नहीं, बल्कि पररामट्टा की सांस्कृतिक पहचान और रचनात्मक विरासत का प्रतीक है। यह थिएटर दशकों से स्थानीय, राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कलाकारों के लिए एक प्रमुख मंच रहा है। इसके पुनर्विकास से कला, संस्कृति, पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को व्यापक लाभ मिलने की उम्मीद है।
नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार, ठेकेदार की नियुक्ति से परियोजना को तकनीकी और प्रशासनिक मजबूती मिली है, लेकिन बढ़ती निर्माण लागत, सामग्री के दाम और अन्य आर्थिक दबावों के कारण अतिरिक्त फंडिंग अब अनिवार्य हो गई है।
कला जगत से जुड़े संगठनों, कलाकारों और स्थानीय समुदाय ने भी सरकार से अपील की है कि वह इस परियोजना को बचाने के लिए आगे आए। उनका कहना है कि रिवरसाइड थिएटर का भविष्य सुरक्षित करना न केवल पररामट्टा, बल्कि पूरे क्षेत्र की सांस्कृतिक प्रगति के लिए आवश्यक है।
अब सभी की निगाहें केंद्र सरकार के फैसले पर टिकी हैं, जो यह तय करेगा कि रिवरसाइड थिएटर का पुनर्विकास समय पर पूरा होगा या फिर यह महत्वाकांक्षी परियोजना और देरी का शिकार बनेगी।