सिडनी। देश में आवास संकट और नेट-ज़ीरो उत्सर्जन के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए व्यापारिक संगठनों, मज़दूर यूनियनों और राज्य सरकारों ने सुपरएनुएशन (सेवानिवृत्ति फंड) नियमों में बदलाव का समर्थन किया है। इस पहल से उम्मीद है कि पेंशन फंड अधिक निवेश आवास निर्माण और हरित परियोजनाओं में करेंगे।
वित्त मंत्री जिम चाल्मर्स ने संकेत दिया है कि केंद्र सरकार इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाने को तैयार है। उनका मानना है कि सेवानिवृत्ति फंड में अरबों डॉलर की राशि है, जिसे देश की बुनियादी ज़रूरतों जैसे किफ़ायती आवास और स्वच्छ ऊर्जा परियोजनाओं में लगाया जा सकता है।
मकान की बढ़ती कीमतों और किराए में तेजी से आम नागरिकों पर दबाव बढ़ा है। यदि सुपर फंड इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाते हैं तो नए घरों के निर्माण को गति मिलेगी और बाज़ार में संतुलन बनेगा।
इसके साथ ही, स्वच्छ ऊर्जा और हरित बुनियादी ढांचे में निवेश से ऑस्ट्रेलिया के 2050 तक नेट-ज़ीरो लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में अहम मदद मिलेगी।
इस मसले पर उद्योग जगत, यूनियनें और राज्य सरकारें एकजुट होकर केंद्र से कार्रवाई की मांग कर रही हैं। माना जा रहा है कि आने वाले महीनों में इस दिशा में नीतिगत बदलाव की घोषणा हो सकती है।