नई दिल्ली, 2 जुलाई 2025:
दिल्ली की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग छिड़ गई है। इस बार मामला है मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के सरकारी आवास पर 60 लाख रुपये की लागत से हो रहे नवीनीकरण का। आम आदमी पार्टी (AAP) ने इस खर्च को लेकर बीजेपी पर तीखा हमला बोला है, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने इसे सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया बताया है।
दिल्ली सरकार की सार्वजनिक निर्माण विभाग (PWD) की ओर से सीएम रेखा गुप्ता के सरकारी निवास पर किए जा रहे मरम्मत और सौंदर्यीकरण कार्यों में अनुमानित 60 लाख रुपये खर्च किए जा रहे हैं। यह जानकारी सामने आते ही AAP नेताओं ने इसे “मायामहल” बताते हुए बीजेपी को आड़े हाथों लिया।
AAP का आरोप: जनता से जुड़ी नहीं सीएम की प्राथमिकताएं
आप नेता आतिशी ने प्रेस कांफ्रेंस में कहा, "दिल्ली की जनता पानी, बिजली और महंगाई से जूझ रही है, लेकिन मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता अपने निवास को शीशमहल बना रही हैं। 60 लाख रुपये सिर्फ एक घर की सजावट पर खर्च करना शर्मनाक है।"
उन्होंने सवाल उठाया कि जब भाजपा विपक्ष में थी तब उसने मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के घर के नवीनीकरण पर सवाल उठाए थे, अब वही पार्टी सत्ता में आकर जनता के पैसों से 'मायामहल' बना रही है।
BJP का बचाव: आवास की मरम्मत जरूरी
वहीं बीजेपी ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा है कि सीएम आवास की मरम्मत एक नियमित प्रक्रिया है, जिसमें सुरक्षा, संरचना और आवश्यक सुविधाओं का ध्यान रखा जाता है।
बीजेपी प्रवक्ता हर्ष मल्होत्रा ने कहा, "AAP के नेता बेवजह मुद्दे को राजनीतिक रंग दे रहे हैं। यह कोई ऐशो-आराम का खर्च नहीं, बल्कि सीएम के आवास को कार्यक्षम और सुरक्षित बनाने के लिए जरूरी खर्च है।"
राजनीतिक तूफान थमने के आसार नहीं
इस मुद्दे पर दिल्ली की राजनीति गर्मा गई है। एक तरफ आम आदमी पार्टी इसे ‘जनता से विश्वासघात’ बता रही है, वहीं बीजेपी इसे प्रशासनिक प्रक्रिया का हिस्सा कह रही है। सोशल मीडिया पर भी 'शीशमहल' और 'मायामहल' जैसे हैशटैग ट्रेंड कर रहे हैं।
अब देखना यह है कि आने वाले दिनों में यह विवाद कितना और तूल पकड़ता है, और क्या जनता इस बहस को आने वाले चुनावों में मुद्दा बनाती है।