भारतीय जनता पार्टी की वरिष्ठ नेत्री और पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी ने अपने राजनीतिक भविष्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। एक मीडिया बातचीत के दौरान उन्होंने कहा, "लोग 2029 की बात कर रहे हैं, लेकिन मैं 2026 में भी चुनाव लड़ सकती हूं।"
यह बयान ऐसे समय पर आया है जब उनके 2024 के आम चुनाव में अमेठी से मिली हार के बाद राजनीतिक वापसी को लेकर तमाम अटकलें लगाई जा रही थीं। स्मृति ईरानी ने यह साफ कर दिया है कि वह राजनीति से दूर नहीं हैं और आने वाले समय में फिर से सक्रिय भूमिका निभा सकती हैं।
2024 में राहुल गांधी से हारने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि ईरानी राजनीति से कुछ दूरी बना सकती हैं। लेकिन अब उनके इस बयान ने सियासी हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा, "राजनीति में विराम का मतलब संन्यास नहीं होता। जब पार्टी को जरूरत होगी, मैं फिर मैदान में उतरूंगी।"
हालांकि वह वर्तमान में किसी मंत्रालय का हिस्सा नहीं हैं, लेकिन पार्टी संगठन में उनकी पकड़ अब भी मजबूत मानी जाती है। स्मृति ईरानी ने अमेठी में कांग्रेस के गढ़ को 2019 में गिराया था, जो कि एक ऐतिहासिक जीत मानी गई थी।
उनके 2026 में चुनाव लड़ने की बात ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि क्या वह राज्यसभा, किसी विधानसभा चुनाव या फिर किसी उपचुनाव के जरिए वापसी की तैयारी कर रही हैं? पार्टी सूत्रों के मुताबिक, ईरानी को संगठनात्मक जिम्मेदारियां मिल सकती हैं और वह अगले दो वर्षों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
ईरानी ने अपनी बात को बेहद आत्मविश्वास से रखा और स्पष्ट किया कि वह राजनीति में वापसी के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उन्होंने अब तक जो भी भूमिका निभाई, उसमें जनता और पार्टी ने उन्हें पूरा समर्थन दिया।