पश्चिम बंगाल के 20 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने बकाया महंगाई भत्ता देने का दिया आदेश

पश्चिम बंगाल के 20 लाख कर्मचारियों को बड़ी राहत, सुप्रीम कोर्ट ने बकाया महंगाई भत्ता देने का दिया आदेश

नई दिल्ली।
पश्चिम बंगाल सरकार और राज्य कर्मचारियों के बीच लंबे समय से चल रहे महंगाई भत्ता (DA) विवाद पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाया है। शीर्ष अदालत ने राज्य के करीब 20 लाख सरकारी कर्मचारियों को 2008 से 2019 तक का बकाया महंगाई भत्ता देने का आदेश दिया है। इस फैसले से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है।

सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि महंगाई भत्ता कर्मचारियों का वैधानिक अधिकार है और इसे रोका नहीं जा सकता। अदालत ने अपने पहले दिए गए अंतरिम आदेश का हवाला देते हुए कहा कि बकाया DA का 25 प्रतिशत हिस्सा 6 मार्च 2026 तक कर्मचारियों को दिया जाए।

भुगतान योजना के लिए चार सदस्यीय समिति गठित

बकाया राशि के शेष भुगतान को किस्तों में कैसे दिया जाएगा, यह तय करने के लिए सुप्रीम कोर्ट ने एक चार सदस्यीय समिति के गठन का निर्देश दिया है। इस समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश जस्टिस इंदु मल्होत्रा करेंगी।

समिति में

  • जस्टिस तरलोचन सिंह चौहान,

  • जस्टिस गौतम विधूडी

  • और नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) के एक वरिष्ठ अधिकारी को शामिल किया गया है।

अदालत ने समिति से 16 मई 2026 तक रिपोर्ट सौंपने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई भी इसी दिन होगी।

राज्य सरकार पर करीब 43 हजार करोड़ रुपये का भार

राज्य सरकार के अनुसार, इस फैसले के बाद उसे कर्मचारियों को करीब 43 हजार करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा। सरकार ने इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, लेकिन शीर्ष अदालत ने कर्मचारियों के पक्ष में फैसला सुनाया।

सुप्रीम कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि सरकार को कर्मचारियों के हितों और उनके अधिकारों का सम्मान करना होगा और भुगतान में अनावश्यक देरी स्वीकार्य नहीं है।