“Priya’s Law” पर सियासी तूफान: सुसान ले ने साथियों को फटकारा, कहा ‘महिलाओं के प्रति असंवेदनशील’

“Priya’s Law” पर सियासी तूफान: सुसान ले ने साथियों को फटकारा, कहा ‘महिलाओं के प्रति असंवेदनशील’

कैनबरा।
ऑस्ट्रेलिया की संसद में पास हुए ऐतिहासिक “Priya’s Law” ने एक ओर मातृत्व अधिकारों की दिशा में नया अध्याय खोला है, वहीं दूसरी ओर इस पर राजनीतिक बवाल मच गया है।

यह कानून उन माता-पिता को पेड पैरेंटल लीव (भुगतान सहित मातृत्व अवकाश) की गारंटी देता है, जिनके बच्चे का स्टिलबर्थ (मृत शिशु का जन्म) या जन्म के कुछ ही समय बाद निधन हो जाता है। इस कानून का नाम बेबी प्रिया के नाम पर रखा गया है, जिसकी 2024 में 42 दिन की उम्र में मृत्यु हो गई थी।

सुसान ले ने पार्टी सहयोगियों को आड़े हाथों लिया

लिबरल पार्टी की नेता सुसान ले ने पार्टी के चार सांसदों — एंड्रू हैस्टी, टोनी पासिन, बार्नाबी जॉयस और हेनरी पाइक — की आलोचना की है। इन नेताओं ने बहस के दौरान चिंता जताई थी कि यह कानून कहीं “लेट टर्म एबॉर्शन” यानी गर्भावस्था के आख़िरी चरण में गर्भपात करने वाली महिलाओं पर भी लागू न हो जाए।

ले ने इस टिप्पणी को “असंवेदनशील और अनुचित” बताया। उन्होंने कहा,

“बच्चा खो देना किसी माँ और परिवार के लिए जीवन की सबसे कठिन घड़ी होती है। ऐसे संवेदनशील मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।”

महिला सांसदों की नाराज़गी

लिबरल सांसद जेन ह्यूम ने भी कहा कि पार्टी की कई महिला सांसद “हैरान और व्यथित” हैं कि पुरुष सांसदों ने इस तरह की टिप्पणी की। उन्होंने कहा,

“यह व्यक्तिगत और बेहद दर्दनाक मसला है। ऐसे कानून को व्यक्तिगत विचारों के मंच के रूप में इस्तेमाल करना अनुचित है।”

सरकार का जवाब और विपक्ष के बयान

स्वास्थ्य मंत्री मार्क बटलर ने कहा कि कानून बेहद स्पष्ट है और इसे गर्भपात के साथ जोड़ना “राजनीतिक निंदनीय हरकत” है। उन्होंने तंज करते हुए कहा,

“यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि महिलाओं के अधिकारों को सीमित करने वाली बहस में हमेशा पुरुष आगे रहते हैं।”

वहीं सांसद टोनी पासिन ने कहा कि उन्होंने कभी यह नहीं कहा कि यह कानून गर्भपात को प्रोत्साहित करेगा, बल्कि केवल यह स्पष्टता मांगी थी कि इसे अनचाहे गर्भपात के मामलों में लागू न किया जाए।

‘किलिंग सीजन’ और लीडरशिप की चुनौती

इधर सुसान ले के नेतृत्व को लेकर पार्टी के अंदरूनी मतभेद फिर उभर आए हैं। पार्टी में नेट जीरो (कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य) पर मतभेद बढ़ते जा रहे हैं। नेशनल पार्टी पहले ही इस लक्ष्य से पीछे हटने का प्रस्ताव दे चुकी है, और अब लिबरल पार्टी को अपना रुख तय करना है।

ले ने कहा कि वह अपने पद को लेकर “पूरी तरह आत्मविश्वासी” हैं और आगामी संसदीय सत्र को “किलिंग सीजन” कहे जाने पर मुस्कुराते हुए बोलीं,

“मीडिया को उत्साहित होना अच्छा लगता है, लेकिन पार्टी में युद्ध जैसी कोई स्थिति नहीं है।”

भावनाओं से जुड़ा कानून

“Priya’s Law” को सरकार और विपक्ष दोनों का समर्थन मिला। लिबरल प्रवक्ता टिम विल्सन ने कहा,

“यह कानून शोकग्रस्त परिवारों के लिए सहानुभूति और गरिमा सुनिश्चित करता है — यह प्रेम की एक विरासत है।”