सिडनी की ब्लैकटाउन सिटी काउंसिल ने अपना दफ्तर बेचा, अब अगले दस साल तक किराए पर ही चलाना पड़ेगा

सिडनी की ब्लैकटाउन सिटी काउंसिल ने अपना दफ्तर बेचा, अब अगले दस साल तक किराए पर ही चलाना पड़ेगा

ब्लैकटाउन (सिडनी)। ऑस्ट्रेलिया के सिडनी शहर में ब्लैकटाउन सिटी काउंसिल का एक बड़ा प्रशासनिक प्रोजेक्ट अब विवादों में आ गया है। जिस नए काउंसिल भवन की शुरुआती लागत लगभग 144 मिलियन डॉलर बताई गई थी, वही परियोजना अब बढ़कर करीब 605 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई है। लागत में भारी बढ़ोतरी के कारण काउंसिल पर वित्तीय दबाव बढ़ गया है और अब उसे अपने ही कार्यालय को बेचकर अगले कई वर्षों तक किराए पर चलाने की स्थिति में आना पड़ा है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ब्लैकटाउन सिटी काउंसिल ने अपने प्रशासनिक भवन को डेवलपर वॉकर कॉरपोरेशन को बेच दिया है। इस सौदे के तहत काउंसिल अब उसी भवन को कम से कम अगले दस वर्षों तक किराए पर लेकर इस्तेमाल करेगी। इस व्यवस्था को लेकर स्थानीय राजनीति और समुदाय में काफी चर्चा हो रही है।

बताया जा रहा है कि नए कार्यालय परिसर के निर्माण की लागत लगातार बढ़ती गई। शुरुआत में इस प्रोजेक्ट के लिए 144 मिलियन डॉलर का अनुमान लगाया गया था, लेकिन निर्माण, डिजाइन और अन्य खर्चों में बढ़ोतरी के कारण बजट कई गुना बढ़ गया। परिणामस्वरूप कुल लागत लगभग 605 मिलियन डॉलर तक पहुंच गई।

वित्तीय दबाव के चलते काउंसिल को नकदी की कमी का सामना करना पड़ रहा है। इसी वजह से काउंसिल ने संपत्ति बेचकर तत्काल धन जुटाने का फैसला किया। हालांकि आलोचकों का कहना है कि इस फैसले से काउंसिल को लंबे समय तक किराया देना पड़ेगा, जिससे भविष्य में आर्थिक बोझ और बढ़ सकता है।

दूसरी ओर काउंसिल के अधिकारियों का कहना है कि यह व्यवस्था एक वित्तीय रणनीति के तहत की गई है, जिससे परियोजना को पूरा करने और सेवाओं को जारी रखने में मदद मिलेगी। उनका कहना है कि इससे काउंसिल की तत्काल वित्तीय स्थिति को संभालने में राहत मिलेगी।

स्थानीय निवासियों और विपक्षी प्रतिनिधियों ने इस मुद्दे पर पारदर्शिता की मांग की है और पूछा है कि परियोजना की लागत इतनी तेजी से कैसे बढ़ गई। आने वाले समय में इस फैसले और परियोजना की वित्तीय स्थिति को लेकर और बहस होने की संभावना है।