सिडनी में 'घोस्ट कार' घोटाले का पर्दाफाश: 38 करोड़ डॉलर की लग्ज़री कारें, घड़ियाँ और नकदी जब्त

सिडनी में 'घोस्ट कार' घोटाले का पर्दाफाश: 38 करोड़ डॉलर की लग्ज़री कारें, घड़ियाँ और नकदी जब्त

सिडनी पुलिस ने एक बड़े धोखाधड़ी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए 38 मिलियन डॉलर (करीब 280 करोड़ रुपये) की संपत्ति जब्त की है, जिसमें महंगी कारें, घड़ियाँ, नकदी और बैंक खातों की रकम शामिल है।

इस घोटाले के कथित दो सरगनाओं को बुधवार सुबह गिरफ्तार किया गया, जबकि 10 अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर बेंटली और फेरारी जैसी महंगी कारें, भारी मात्रा में नकदी, नशीले पदार्थ, एक बंदूक, दो टेज़र और बॉडी आर्मर भी जब्त किया गया।

क्या है 'घोस्ट कार' घोटाला?

न्यू साउथ वेल्स पुलिस ने जनवरी 2024 में इस कथित फर्जीवाड़े की जांच शुरू की थी। शुरुआती जांच में यह सिर्फ लग्ज़री कारों के लिए फर्जी लोन लेने का मामला लग रहा था, लेकिन जैसे-जैसे तहकीकात आगे बढ़ी, पुलिस को पता चला कि यह रैकेट व्यक्तिगत, व्यवसायिक और हाउस लोन तक फैला हुआ है।

पुलिस का कहना है कि इस रैकेट के सदस्य चुराई गई निजी जानकारी का इस्तेमाल कर विभिन्न वित्तीय संस्थानों से फर्जी ऋण हासिल कर रहे थे। कई बार ये लोन 'घोस्ट कारों' के लिए लिए जाते थे — ऐसी महंगी गाड़ियाँ जो असल में मौजूद ही नहीं थीं।

गिरफ्तार आरोपी और उन पर आरोप

  • 38 वर्षीय आरोपी, जिसे सिडनी के बारंगारू इलाके से गिरफ्तार किया गया, पर 87 मामलों में धोखाधड़ी, जालसाजी और अपराध की आय से जुड़े आरोप हैं। पुलिस का कहना है कि अकेले इस आरोपी ने करीब $12.9 मिलियन (लगभग ₹95 करोड़) की धोखाधड़ी की है। उसे जमानत से इनकार कर दिया गया है और वह डाउनिंग लोकल कोर्ट में पेश होगा।

  • 34 वर्षीय दूसरा आरोपी, जो सिफोर्थ से गिरफ्तार हुआ, पर 107 आरोप हैं और उस पर $4 मिलियन (लगभग ₹30 करोड़) की धोखाधड़ी का आरोप है। उसे मैनली लोकल कोर्ट में पेश किया जाएगा।

पुलिस ने कहा, “कोर्ट में यह साबित किया जाएगा कि ये दोनों व्यक्ति पूरे घोटाले के मास्टरमाइंड थे।”

अब तक की कार्रवाई

अब तक इस मामले में 6 अन्य लोगों को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। न्यू साउथ वेल्स क्राइम कमीशन ने अब तक $18 मिलियन (₹133 करोड़) की संपत्ति जब्त या फ्रीज की है। बुधवार की कार्रवाई में $20 मिलियन (₹148 करोड़) की और संपत्ति जब्त की गई, जिससे कुल जब्ती $38 मिलियन (₹281 करोड़) तक पहुंच गई है।

पुलिस की यह कार्रवाई सिडनी में चल रही एक बड़ी आर्थिक अपराध जांच का हिस्सा है, जिसमें वित्तीय संस्थाओं को निशाना बनाकर लोन धोखाधड़ी की जा रही थी।

यह एक सतर्कता का संदेश है कि आधुनिक तकनीक के सहारे किए जा रहे सफेदपोश अपराधों पर पुलिस की पैनी नजर है, और दोषियों को कानून के कठघरे में लाया जा रहा है।